विशेष संवाददाता चिमन लाल
झज्जर
शुक्रवार को एसीपी अनिरुद्ध चौहान ने थाना साइबर क्राइम झज्जर के कर्मचारियों के साथ बैठक की। मीटिंग में उन्होंने थाने में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और उसकी शिकायत पर कार्यवाही करने के दिशा निर्देश दिए। निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के शिकार हुए व्यक्ति थाने में आते हैं जो पहले ही अपनी मेहनत की पूंजी गवाये हुए होते हैं। इसलिए हमें उनके साथ सम्मान पूर्वक व्यवहार करना है और उनके साथ हुई साइबर ठगी की शिकायत पर त्वरित करवाई करनी है। ऐसे मामलों में आरोपी दूसरे स्टेट के ज्यादा पाए जाते हैं। इसलिए हमें बैंक की सहायता से तुरंत साइबर फ्रॉड करने वाले आरोपियों के खाते को सीज करवाकर उनकी पूंजी को वापिस लाने में उनका सहयोग करना है। यह हमारी ड्यूटी के साथ-साथ नैतिक जिम्मेवारी भी है। इसके अलावा हमें लोगों को साइबर क्राइम के बारे में जागरूक करना है। उन्हे बताना है कि किसी भी अनजान फोन कॉल आने पर आप उसे अपने बैंक संबंधित जानकारी ना दें, साइबर ठगी करने वाले व्यक्ति सबसे पहले हमें कम समय में ही ज्यादा मुनाफा कमाने या फिर भावनात्मक तौर पर हमें बोलते हैं कि मैं आपका जानकार बोल रहा हूं। मेडिकल में आया हुआ हूं मुझे पैसों की जरूरत है। ऐसी ही बातें में उलझाकर वे हमें साइबर ठगी का शिकार बना लेते हैं। आजकल व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो कॉल पर अश्लील फिल्म बनाकर या फिर कस्टमर अधिकारी या अन्य अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और समझौते के नाम पर पैसे एठ लेते हैं। हमें इन सब से सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि साइबर ठगो का हथियार इमोशनल, डराकर या कम समय में अमीर बनने का ख्वाब दिखाकर भोले भाले लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाते हैं। इसलिए हमें अपराधियों को पकड़ने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने का भी कार्य करना है। अगर लोग जागरूक होंगे तो साइबर ठगी के मामले भी कम होंगे। इस दौरान एसीपी अनिरुद्ध चौहान ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि अगर आपके साथ किसी प्रकार का साइबर फ्रॉड होता है तो तुरंत इसकी शिकायत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज करवाये।