विशेष संवाददाता चिमन
ईंट भट्टों पर कार्यरत श्रमिकों के बच्चों का स्कूलों में नामांकन, पंजीकृत श्रमिकों के कल्याण को दी जाए प्राथमिकता
रोहतक,
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिला में बाल श्रम की शून्य घटनाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में बाल श्रम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से ईंट भट्टों, निर्माण स्थलों, दुकानों, ढाबों तथा औद्योगिक इकाइयों में प्रभावी प्रवर्तन पर जोर दिया। स्थानीय लघु सचिवालय में श्रम एवं खनन विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि ईंट भट्टों पर रह रहे एवं कार्यरत सभी श्रमिकों के बच्चों का उनकी आयु के अनुसार अनिवार्य रूप से स्कूलों में दाखिला कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्कूल में नामांकन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी ईंट भट्टा संचालकों एवं मालिकों की होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने श्रम विभाग को झज्जर जिले में सफलतापूर्वक लागू किए गए भट्टा स्कूल मॉडल का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रवासी ईंट भट्टा श्रमिकों के बच्चों को निरंतर शिक्षा उपलब्ध कराने से संबंधित इस मॉडल की श्रेष्ठ प्रथाओं को रोहतक जिले में भी लागू किए जाने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए। बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि सत्यापन के दौरान पात्र पाए गए सभी 710 निर्माण श्रमिकों को बिना किसी देरी के सरकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण एचईपीसी पोर्टल के माध्यम से किया जाए तथा इसमें ठेकेदारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ठेकेदारों को श्रमिकों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए, जिसके पश्चात श्रम विभाग नियमानुसार सत्यापन एवं पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करेगा।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने प्रवासी श्रमिकों के कल्याण पर जोर देते हुए ईंट भट्टों, निर्माण कार्यों तथा औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों का एक व्यापक डाटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों की पहचान एवं पंजीकरण से उन्हें सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्रदान करना संभव हो सकेगा। बैठक में उन्होंने दुकानों एवं प्रतिष्ठानों अधिनियम के अंतर्गत किए गए पंजीकरणों की भी समीक्षा की तथा अधिकारियों को पंजीकरण कवरेज बढ़ाने एवं वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने दोहराया कि बाल श्रम उन्मूलन, श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, प्रवासी श्रमिकों का कल्याण तथा पात्र श्रमिकों को समयबद्ध लाभ प्रदान करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन पर कड़ी कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, सहायक श्रम आयुक्त राहुल, उप श्रम आयुक्त कुलदीप कुमार, सहायक निदेशक (सुरक्षा एवं स्वास्थ्य) बलराम सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।