डीसी रोहतक सचिन गुप्ता विद्यार्थियों से फीडबैक लेने के लिए अचानक पहुंचे सरकारी विद्यालय

विशेष संवाददाता चिमन लाल

रोहतक,

उपायुक्त रोहतक सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला के सरकारी स्कूलों को निपुण हरियाणा अभियान के अंतर्गत निपुण रोहतक पहल के माध्यम से एकीकृत दृष्टिकोण अपनाकर उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस पहल के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, मजबूत आधारभूत शिक्षा और सुनियोजित स्किल मैपिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जेईई, नीट व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी स्कूल स्तर पर ही करवाई जानी चाहिए, ताकि सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकें और निजी कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता कम हो। उपायुक्त ने भिवानी रोड स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रोहतक का औचक निरीक्षण किया और शैक्षणिक गतिविधियों व बुनियादी ढांचे की समीक्षा की। इस दौरान आयोजित अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) में उन्होंने अभिभावकों से विस्तार से संवाद किया तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, सीखने की कमियों, उपस्थिति और अनुशासन पर चर्चा की। उन्होंने शिक्षण गुणवत्ता, विद्यालय सुविधाओं और स्टाफ के व्यवहार को लेकर अभिभावकों से फीडबैक भी लिया और बच्चों की शिक्षा व करियर मार्गदर्शन में उनकी सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद कर कक्षा शिक्षण, विषय समझ और परीक्षा की तैयारी का आकलन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि मेधावी और प्रेरित विद्यार्थियों की पहचान प्रारंभिक स्तर पर ही की जाए और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया जाए। साथ ही जेईई, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों पर आधारित नियमित अभ्यास परीक्षाएं और मॉक टेस्ट विद्यालय स्तर पर अनिवार्य रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और प्रदर्शन बेहतर हो सके। प्रारंभिक शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए उपायुक्त ने प्राथमिक कक्षाओं की भी समीक्षा की और कहा कि पढ़े रोहतक लिखे रोहतक / निपुण रोहतक का उद्देश्य पठन, लेखन और संख्यात्मक कौशल में कक्षा स्तर की दक्षता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि मजबूत आधारभूत शिक्षा भविष्य की शैक्षणिक सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है और यही उच्च कक्षाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की मजबूत नींव बनती है। उन्होंने स्किल पासबुक पहल पर भी जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति, कौशल, रुचियों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण व्यक्तिगत मार्गदर्शन, बेहतर करियर काउंसलिंग और शिक्षकों व अभिभावकों द्वारा सही निर्णय लेने में सहायक होगा।
उपायुक्त ने कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशालाओं, विद्यालय के खेल मैदान और मिड-डे मील व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन शैक्षणिक सुधारों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, आधारभूत शिक्षा को मजबूत करने और कौशल विकास से संबंधित सभी पहलों में विद्यालयों को पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी जयभगवान, प्राचार्या अरूणा नांदल, एबीआरसी सुशीला, एफएलएन कोर्डिनेटर रूपांशी हुड्डा व मुख्य शिक्षक सोनिया आदि मौजूद थे।

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