उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की सजा सस्पेंड करने के खिलाफ CBI की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई।

उन्नाव रेप केस पर ‘सुप्रीम’ सुनवाई से पहले पीड़िता ने लगाई गुहार; कहा- वो मेरे बच्चों को उठवा लेगा

29 दिसंबर को उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की सजा सस्पेंड करने के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। ऐसे में इस खबर पर सभी की नजर रहने वाली है। इस माममे में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी।

इस बीच उन्नाव रेप केस की पीड़िता ने समाचार एजेंसी ANI ने बात करते हुए कहा कि ‘मुझे विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय से न्याय मिलेगा।’ पीड़िता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार भी लगाई।

गौरतलब है कि CBI ने उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को सस्पेंड करने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई 29 दिसंबर, सोमवार को होगी। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा जताया और अपनी सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार भी लगाई। इसके अलावा, उन्होंने कुलदीप सिंह सेंगर पर कई गंभीर आरोप भी लगाए और जान का खतरा भी बताया।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से एक दिन पहले उन्नाव रेप केस की पीड़िता ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा ‘ मुझे सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है कि मुझे इंसाफ देगा। अगर CBI ने यह पहले किया होता, तो मुझे इंसाफ मिल गया होता। उसकी (कुलदीप सेंगर की) जमानत खारिज हो जाती, क्योंकि उसने मेरा रेप किया था। मेरे पिता को मार दिया गया। मेरे परिवार के सदस्यों को मार दिया गया। मेरे परिवार के सदस्यों और गवाहों की सुरक्षा हटा दी गई। मेरे पति को नौकरी से निकाल दिया गया। मेरे बच्चे घर पर सुरक्षित नहीं हैं।’

उन्नाव रेप केस की पीड़िता ने कल की सुनवाई पर भरोसा जताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई। पीड़िता ने कहा ‘मुख्यमंत्री से आग्रह है कि मेरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि वह बिना किसी डर के अपनी कानूनी लड़ाई लड़ सकें।’

आपको बता दें कि सेंगर को दिसंबर 2019 में उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी ठहराया गया था और उसे आजीवन कारावास के साथ 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। हालांकि, बाद में उम्रकैद की सजा को सस्पेंड कर दिया गया।

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