“ऑपरेशन ट्रेकडाउन” के तहत 12 घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन अवैध हथियार व 9 जिंदा कारतूस बरामद

झज्जर पुलिस की त्वरित कार्यवाही

बहादुरगढ़

हरियाणा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री ओ.पी. सिंह के दिशा-निर्देश एवं #ऑपरेशन_ट्रेकडाउन के तहत अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्यवाही करते हुए झज्जर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार को पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए उपरोक्त मामले में जानकारी देते हुए बताया कि सीआईए बहादुरगढ़ की टीम ने मात्र 12 घंटे के भीतर एक जानलेवा हमले के मामले का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन अवैध हथियार (पिस्तौल) और 9 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। दुर्गा कॉलोनी, बहादुरगढ़ निवासी रंजीत, जो मूल रूप से बिशनपुर ईजरा, जिला वैशाली (बिहार) का रहने वाला है और वर्तमान में किराए पर रहकर रेडी पर कपड़े बेचने का काम करता है 7 नवम्बर 2025 की मध्य रात्रि को गली में दो गोलियों के चलने की आवाज आई, जिससे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। गोलीबारी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने स्वयं मामले की निगरानी की और डीसीपी क्राइम अमित दहिया और सीआईए प्रभारियों को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए और तीन अलग-अलग टीमें बनाई गई।जिन्होंने झज्जर और बहादुरगढ़ के अलग-अलग क्षेत्र में लगातार छापेमारी कार्रवाई की और तकनीकी और मानवीय संसाधनों का प्रयोग करते हुए अपराधियों की तलाश शुरू की।सिर्फ 12 घंटे के भीतर पुलिस ने तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान प्रीत निवासी सैनिक नगर बहादुरगढ़, संतोष निवासी दुर्गा कॉलोनी बहादुरगढ़ व सागर उर्फ चिता निवासी सैनिक नगर बहादुरगढ़ के तौर पर हुई। गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन देसी पिस्तौल और 9 जिंदा कारतूस बरामद हुए। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि पुरानी रंजिश को मन में रखते हुए इन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी संतोष पर पहले भी हत्या का अपराधिक मामला दर्ज है, जो अभी जेल से आया हुआ था। इस मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अवैध हथियार कहां से लाए गए है। आरोपियों के खिलाफ थाना लाइनपार बहादुरगढ़ में जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट एवं अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अदालत में पेश किए जाने के बाद आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा ताकि अपराध के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने बताया कि “ऑपरेशन ट्रेकडाउन का उद्देश्य जिले में अवैध हथियार, गैंगस्टर गतिविधियों और संगठित अपराध पर पूर्ण अंकुश लगाना है। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस हर अपराधी तक पहुँचेगी और उन्हें उनके कृत्य की सजा मिलेगी।

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