कटाई के बाद फसल अवशेष जलाना कानूनन अपराध : जिलाधीश

विशेष संवाददाता चिमन लाल

फसल अवशेष जलाने पर दो माह तक पूर्ण प्रतिबंध

झज्जर,

जिलाधीश स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जिले में खरीफ फसलों के अवशेष व धान की पराली जलाने पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 17 जनवरी 2026 तक लागू रहेंगे। जिलाधीश द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष एवं पराली जलाने से आगजनी, कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा, तथा मानव जीवन व शांति के लिए गंभीर जोखिम की संभावना बनी रहती है। वहीं खेतों में पराली जलाने से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्व, कार्बन, माइक्रो-ऑर्गेनिज़्म नष्ट हो जाते हैं, जिससे मृदा उर्वरता घटती है। साथ ही धुआं से फेफड़ों पर विपरीत प्रभाव डालता है तथा खांसी, दमा, ब्रोंकाइटिस, घुटन व अन्य श्वास संबंधी रोग उत्पन्न करता है। वातावरण में ऑक्सीजन की कमी होती है और वायु प्रदूषण बढ़ता है। ऐसे में किसान कंबाइन मशीन या हाथ से काटी गई फसल के अवशेषों को किसी भी स्थिति में न जलाएं। आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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