विशेष संवाददाता चिमन लाल
समाज में दिव्यांगजनों की भागीदारी, अधिकारों व सम्मान को बढ़ावा देने का अवसर है अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस
रोहतक,
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस समाज में दिव्यांगजनों की भागीदारी, अधिकारों और सम्मान को बढ़ावा देने का अवसर है। जिला प्रशासन दिव्यांगजनों के कौशल विकास, शिक्षा, रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर प्रयासरत है। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, सिरतार के प्राचार्य एडी पासवान तथा अन्य अधिकारियों के साथ संस्थान का निरीक्षण किया। सचिन गुप्ता ने सिरतार व अर्पण संस्थान में दिव्यांगजनों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय सिरतार संस्थान में दिव्यांग बच्चों द्वारा तैयार की गई रंगोली, पोस्टर व हस्तशिल्प कला प्रतियोगिता का अनावरण किया तथा बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा करने के साथ-साथ दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने संस्थान में पौधारोपण भी किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन से किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 3 दिसंबर 1992 को राष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस मनाने की शुरूआत की गई थी ताकि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और उन्हें मानवीय गरिमा के साथ जीने के अधिकार को बढ़ावा दिया जा सके।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि सिरतार संस्थान दिव्यांगजनों के पुनर्वास, प्रशिक्षण और क्षमता विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। उन्होंने संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने को कहा। दिव्यांगजनों व कोर्सेज के विद्यार्थियों ने भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। अर्पण संस्थान ने भी संस्थान द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य एडी पासवान, पीजीआई के मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव गुप्ता, मदवि के प्रो. राजकुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी महावीर गोदारा, रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव श्याम सुंदर, राजबीर कश्यप, डॉ. मुकेश कुमार, कृष्ण लाल, राजबीर, डॉ. रविंद्र कुमार, शलेश कुमार, अंजू, जसप्रीत, विश्नजीत, प्रदीप कुमार, अजमेर हुड्डा, चकृलेश्वर, धर्मबीर, संजीव, ज्योति, मंजू, मीना, शालू, सुनील, ममता, स्वीटी, बबीता, सुमित्रा, महिमा, अंकिता, सुमन यादव, मिनाक्षी, सीमा, राखी, हरिओम सहित सिरतार व अर्पण संस्थान के स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।