विशेष संवाददाता चिमन लाल
22 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप और बारकोड किए बरामद,
झज्जर
साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत झज्जर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। झज्जर पुलिस की टीम ने टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 22 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप और कई बारकोड बरामद किए गए हैं। इस पूरे ऑपरेशन में साइबर क्राइम टीम की तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना साइबर क्राइम झज्जर की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मामले की जानकारी देते हुए थाना साइबर क्राइम झज्जर के निरीक्षक सोमबीर ने बताया कि झज्जर निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अगस्त 2025 में वह टेलीग्राम पर एक ग्रुप से जुड़ा था। उस ग्रुप में निवेश करने पर मोटा मुनाफा मिलने का दावा किया जा रहा था। शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्रुप में दिए गए निर्देशों के अनुसार उसने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी जॉइन कर लिया। वहां उसे अलग-अलग योजनाओं में निवेश करने के लिए कहा गया और शुरुआती दौर में उसे कुछ मुनाफा भी दिया गया, जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे अलग-अलग बैंक खातों में लगातार पैसे जमा करवाने के लिए कहा। जब शिकायतकर्ता ने आगे निवेश करने से मना कर दिया और अपने पैसे वापस निकालने की बात कही, तो आरोपियों ने अलग-अलग तरह के चार्ज और फीस बताकर उससे और पैसे मांगने शुरू कर दिए। तभी उसे शक हुआ कि उसके साथ साइबर फ्रॉड हो रहा है। इसके बाद उसने साइबर क्राइम थाना झज्जर में शिकायत दर्ज कराई।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने साइबर टीम को गहन जांच कर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। निर्देशों की पालना करते हुए उप निरीक्षक विनीत कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किस्मत निवासी जिला भिवानी, राहुल निवासी जिला जींद, राहुल निवासी लेबर कॉलोनी हिसार, मुकुल निवासी बिजनौर (उत्तर प्रदेश) और सूरज निवासी चंडीगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत के आदेशानुसार राहुल निवासी जींद को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि बाकी चार आरोपियों को पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। थाना साइबर क्राइम प्रबंधक का कहना है कि पूछताछ के दौरान साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी अहम जानकारी मिलने की संभावना है।