झज्जर पुलिस ने किया विदेशी नागरिकों के साथ फर्जीवाड़ा करने वाले एक कॉल सेंटर का पर्दाफाश

विशेष संवाददाता चिमन लाल

विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहायता देने के नाम पर करते थे धोखाधड़ी, 18 आरोपी गिरफ्तार

बहादुरगढ़

पुलिस कमिश्नर डॉ राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में झज्जर पुलिस द्वारा अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना साइबर क्राइम झज्जर की पुलिस टीम ने विदेशी नागरिकों के साथ तकनीकी सहायता मुहैया कराने के नाम पर उनके साथ साइबर फ्रॉड करने वाले एक कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने बताया कि थाना साइबर क्राइम झज्जर की पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि ओमेक्स शुभांगन बहादुरगढ़ में टावर नंबर 17 के सातवें फ्लोर पर फ्लैट नंबर 701 में मयंक उर्फ एरिक और सन्नी निवासी दिल्ली अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बिना किसी अनुमति के फर्जी कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका के नागरिकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। सूचना पर साइबर थाना झज्जर प्रबंधक निरीक्षक सोमबीर की अगवाई में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम उपरोक्त स्थान पर पहुंची तो फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद मिला। जिसको खटखटाया गया तो एक लड़के ने दरवाजा खोला। इसके बाद टीम ने अंदर जाकर देखा कि दो लड़के हाल में सोफे पर बैठकर अपने कानों में एयरफोन लगाकर shark pbx डीलर के माध्यम से अंग्रेजी भाषा में लोगों से बात कर उन को थमने का कार्य कर रहे थे। इसके बाद फ्लैट के अलग-अलग कमरों में जाकर देखा तो अलग-अलग कमरों में लड़के लैपटॉप के माध्यम से अपने कानों में हैडफोन लगाकर shark pbx के माध्यम से अंग्रेजी में बातचीत करते हुए विदेशी नागरिकों के साथ साइबर ठगी करने का काम कर रहे थे। जिनकी पहचान निम्नलिखित के तौर पर हुई:-
1 नैफी अरसलान वासी मकान नं0 C5, लाजपत नगर साउथ दिल्ली ।
2 फहाद खान वासी मकान नं0 C-700, मदनगीर अंबेडकर नगर दिल्ली ।
3 राजु कनवाल वासी मकान नं0 213, टावर 3 कैपिटल ग्रीन करमपुरा मोतीनगर दिल्ली ।
4 मंयक उर्फ एरीक वासी किशनगंज 21 लक्ष्मी नगर दिल्ली ।
5 पुलकित शर्मा वासी मकान नं0 280, सैक्टर – 3 रोहिणी दिल्ली ।
6 पंकज चावला वासी मकान नं0 522, पोकेट 3, पश्चिमपुरी नई दिल्ली ।
7 अभिनय राज वासी मकान नं0 641, सुगामाउपुर्वा इन्द्रानगर जिला लखनऊ उत्तरप्रदेश ।
8 दमन चन्द्रा वासी मकान नं0 701, शिवालिक विहार, जिरकपुर पंजाब ।
9 गौरव कुमार वासी मोहल्ला पट्टी चौहान, जसपुर जिला उधम सिंह नगर उत्तराखंड ।
10 राजीव सोंकर वासी मकान नं0 251, गली नं0 2, हरचरणनगर लुधियाना पंजाब ।
11 चेतन सिंह वासी मकान नं0 61, सब एरिया, बन्नी पार्क, जयपुर राजस्थान ।
12 मोहम्मद जोहेब वासी सदर रोड मोहम्मदाबाद गाजीपुर उत्तरप्रदेश ।
13 राहुल चावला वासी मकान नं0 5/55, खिचडीपुर पुर्वी दिल्ली ।
14 आशुतोष वासी मकान नं0 8, किशनकुंज लक्ष्मीनगर पुर्वी दिल्ली ।
15 समार खान उर्फ समर खान वासी मकान नं0 20/21, चटाई मोहल्ला, कानपुर उत्तरप्रदेश ।
16 ध्रुव मोंगरे वासी H.no. E 12/14 DLF phase 1 कुतुब ईन्कलेव , चकरपुर गुडगांव हरियाणा.
17 रमन वासी मकान नं0 6 गढी शेखावत पुर घुढाना मुजफरनगर उत्तरप्रदेश ।
18 सन्नी वासी मकान नं0 11 भजनपुरा दिल्ली ।

ऐसी करते थे साइबर ठगी

अमेरिका में जब किसी व्यक्ति को कोई तकनीकी सुविधा चाहिए होती थी तो वह उसके लिए गूगल पर कस्टमर केयर के नंबर की तलाश करते थे। वहीं से कस्टमर केयर का नंबर लेकर जब व्यक्ति कॉल करता तो वह नंबर इनके पास फॉरवर्ड हो जाता जो उन्हें ईमेल लोगिन इशूस, पॉप अप इश्यूज व नेटफ्लिक्स, अमेजॉन के कस्टमर सर्विस देने व डायग्नोस, करने के नाम पर अलग-अलग समस्या बताकर उनको तकनीकी सुविधा देने के नाम पर उनसे कई गुना ज्यादा डॉलर में चार्ज लेते थे और उनको किसी प्रकार की भी सुविधा मुहैया नहीं करवाते थे। जैसे कि किसी को एंटीवायरस लेना, सॉफ्टवेयर बेचने है या फिर कोई सामान खराब हो गया उसको ठीक करवाना है। इसी प्रकार से कई तरह की सुविधा मुहिया करवाने के नाम पर उनके साथ साइबर ठगी करते थे। ठगी करने वाले इन व्यक्तियों को वेतन के तौर पर 40 से 50 हजार रुपए प्रतिमाह दिया जाता था। पकड़े गए आरोपियों को अदालत झज्जर में पेश किया गया। जिनमें से नैफी अरसलान, फहाद खान, राजूकनवाल, मयंक और पलंकित शर्मा को पूछताछ के लिए पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। वहीं अन्य 13 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

अपील:- पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि ऐसी ठगी से बचने के लिए आप सीधे कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। गलत ग्राहक सेवा नंबरों से बचें। क्योंकि जालसाज अक्सर गूगल पर नकली ग्राहक सेवा नंबर देते हैं। इसलिए, किसी भी ग्राहक सेवा नंबर को गूगल पर सर्च करने से बचें। किसी भी कंपनी के ग्राहक सेवा नंबर या सहायता के लिए, सबसे पहले उस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ और वहां से संपर्क जानकारी प्राप्त करें, इससे आपको सही नंबर मिल जाएगा। अगर आपके साथ इस प्रकार का फ्रॉड हो जाता है तो बेझिझक साइबर क्राइम थाना या नजदीकी पुलिस थाना में जाकर थाना में स्थापित साइबर डेस्क व नेशनल साईबर क्राइम रिपोटिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर जाकर शिकायत दर्ज करवा सकते है। इसके अलावा राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर डायल कर अपनी शिकायत रजिस्टर्ड करा सकते हैं ।

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