डीजीपी हरियाणा ओ.पी. सिंह ने किया रोहतक का औचक निरीक्षण, जनता को बेहतर सेवा देने के दिए निर्देश

विशेष संवाददाता चिमन लाल

“पुलिस की सिर्फ एक ही जाति है – खाकी” : डीजीपी ओ.पी. सिंह

रोहतक

हरियाणा पुलिस महानिदेशक श्री ओ.पी. सिंह ने बुधवार को जिला रोहतक का औचक निरीक्षण किया। रोहतक पहुंचने पर पुलिस जवानों ने डीजीपी को सलामी दी। पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र सिंह भौरिया ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र, एएसपी वाई. वी. आर. शशि शेखर, एएसपी प्रतीक अग्रवाल व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। डीजीपी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि “पुलिस की कोई जाति नहीं होती, पुलिस की एक ही जाति है – खाकी।” उन्होंने जोर दिया कि पुलिस को निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से कार्य करना चाहिए।
डीजीपी ने कहा कि शिकायतकर्ता और पुलिस दोनों को संयम से काम लेना चाहिए। झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि जब तक कोई अपराधी पुलिस पर बल प्रयोग न करे, पुलिस भी बल का प्रयोग न करे। लेकिन यदि अपराधी हमला करता है, तो पुलिस को अपनी सुरक्षा के लिए पूरी छूट है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गैंगस्टर या अपराधियों से डर का कोई माहौल नहीं है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ या अभद्र भाषा का प्रयोग करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
डीजीपी ने अपराध, कानून एवं व्यवस्था, और अन्य मामलों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को जनता को बेहतर सुविधा देने के निर्देश दिए। उन्होंने खुफिया तंत्र को मजबूत करने, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों की गहराई से जांच करने और अपराध के नेटवर्क को तोड़ने के निर्देश दिए। आगे उन्होंने कहा कि नाजायज़ हथियार रखने वालों और संगठित अपराधियों को ढूंढ-ढूढ़ कर जेल भेजें। रंजिश के कारण होने वाले अपराध को खत्म करने के लिए सुनियोजित प्रयास करें। जो लोग भड़काऊ भाषण के जरिए दंगा-फसाद कराने के आदी हैं, उनके आपराधिक गतिविधियों को उजागर करें, स्वयं कार्रवाई करें और केंद्रीय एजेंसियों जैसे कि ईडी, इनकम टैक्स, एनसीबी, एनआईए, जीएसटी को भी कार्रवाई के लिए लिखें।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों को ब्लैकमेल करने की नीयत से झूठ परोसने वालों को पाताल से खोज निकालें, जेल की हवा खिलायें। ये माहौल बिगाड़ने वाले मानसिक विक्षिप्त हैं, इनकी इनके किए की सजा मिलनी चाहिए। उन्होने नशे को रोकने के लिए पुलिस द्वारा हज़ारों को जेल में ठूसे जाने की बात बताई। साथ-साथ राज्य के माता-पिताओं का आह्वान किया कि वे रोज़-रोज़ बोलकर बच्चों के दिमाग़ में बिठा दें कि ड्रग्स रेडलाइन है, किसी भी सूरत में इसके लपेटे में नहीं आना है। जैसे कि एक शाकाहारी परिवार अपने बच्चों को माँसाहारी भोजन से दूर रहने के लिए प्रेरित करता है। महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने और ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने को भी कहा गया। डीजीपी ने बल दिया कि अधिक से अधिक पुलिस बल सड़कों पर सक्रिय और सतर्क दिखाई देना चाहिए।

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