डी डी ए ने लगाई पहाड़गंज की विवादित संपत्तियों पर ख़रीद–फरोख्त पर रोक : दिल्ली हाई कोर्ट

मणि आर्य / विक्रम गोस्वामी 

नई दिल्ली।  पहाड़गंज की विवादित संपत्तियों पर ख़रीद–फरोख्त पर रोक, डीडीए ने हाईकोर्ट के निर्देश पर जारी किया आदेश नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए ) ने पहाड़गंज क्षेत्र की कई संपत्तियों पर किसी भी तरह के लेन–देन, रजिस्ट्री, निर्माण, कब्ज़ा परिवर्तन या खरीद–फरोख़्त पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर की गई Writ Petition No. 8955/2024 एवं CM Appl. 36590/2024 के संदर्भ में माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पालन में की गई है।
याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली उच्च न्यायालय ने DDA को स्पष्ट निर्देश दिया था कि वह इस मामले में याचिकाकर्ताओं को तथ्यात्मक स्थिति का जवाब दे और सम्पूर्ण रिकॉर्ड के आधार पर आवश्यक निर्णय ले। हाईकोर्ट के आदेशों का संज्ञान लेते हुए DDA ने 9 अक्टूबर 2025 को एक महत्वपूर्ण कार्यालय आदेश जारी किया है, जिसका नंबर S/1(106)2012/OSB/VOL-III/549 है।
जारी आदेश के अनुसार, DDA ने नालवा स्ट्रीट, पहाड़गंज स्थित कई संपत्तियों को ‘नल्ड’ घोषित करते हुए उन पर किसी भी प्रकार की बिक्री, पंजीकरण या लेन–देन को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। आदेश में उल्लेखित संपत्तियों में शामिल हैं—

Property No. 2513 to 2530

Property No. 2527, Block-B

Plot No. 55, 56, 57

Khasra No. 521, 522, 523, Nalwa Street, Paharganj, New Delhi–110055

इन सभी स्थानों को विवादित मानते हुए DDA ने साफ कहा है कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, किसी भी प्रकार की खरीद–फरोख़्त, रजिस्ट्री या स्वामित्व परिवर्तन नहीं किया जा सकता। इस आदेश की प्रति राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, पंजीकरण विभाग, नगर निगम समेत सभी संबंधित विभागों को भेजी गई है ताकि उचित सतर्कता और निगरानी सुनिश्चित हो सके।

क्या है पूरा मामला

याचिकाकर्ताओं ने अदालत में यह दावा किया था कि उपरोक्त संपत्तियाँ मूल रूप से सरकारी भूमि का हिस्सा हैं, जिन पर समय के साथ अवैध कब्जे, बंटवारे और अनियमित रजिस्ट्री के माध्यम से कई दोषपूर्ण लेन–देन हुए। मामले की गंभीरता देखते हुए उच्च न्यायालय ने DDA को निर्देशित किया कि वह संपत्तियों की वैधता की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे
DDA द्वारा की गई जांच में पाया गया कि कई संपत्तियाँ रिकॉर्ड के अनुसार वैध नहीं पाई गईं। इसी आधार पर उन्हें ‘नल्ड’ घोषित करते हुए लेन–देन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया।

स्थानीय क्षेत्र पर प्रभाव

पहाड़गंज क्षेत्र में बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठान, होटल, गेस्ट हाउस और किराएदार रहते हैं। ऐसे में आदेश के बाद कई व्यवसायों और निवासियों में स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि DDA का कहना है कि यह प्रतिबंध अस्थायी है और भूमि की वैध स्थिति सुनिश्चित होने तक ही लागू रहेगा।
इतिहास में यह पहली बार है कि नालवा स्ट्रीट की इतनी बड़ी संख्या में संपत्तियों पर एक साथ रोक लगाई गई है। इसे क्षेत्र में चल रहे कथित अवैध निर्माण, गलत रजिस्ट्री और स्वामित्व विवादों पर बड़ी कार्यवाही माना जा रहा है।

आगे की प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार, DDA अब इन संपत्तियों से जुड़े सभी कागज़ात, रजिस्ट्री रिकॉर्ड, कब्जे के दस्तावेज और राजस्व रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगा। जांच पूरी होने पर ही भविष्य की कार्रवाई तय होगी।
स्थानीय प्रशासन को भी निर्देश दिया गया है कि कोई भी नया निर्माण, तोड़फोड़, रजिस्ट्री या संपत्ति से संबंधित लेन–देन होने न पाए। उल्लंघन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस आदेश के बाद फिलहाल पहाड़गंज की इन विवादित संपत्तियों में किसी भी गतिविधि पर रोक है और सभी विभाग सतर्क मोड में हैं। आगे की कानूनी प्रक्रिया और रिपोर्ट आने तक स्थिति यथावत बनी रहेगी।

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