हरियाणा के जींद जिले के उचाना कस्बे में दस बेटियों की मां ने 19 साल बाद एक बेटे को जन्म दिया है. यह मामला मातृत्व स्वास्थ्य और वंश बढ़ाने के लिए हर हाल में बेटा पाने की परिवारों की चाह को लेकर जारी चिंताओं के बीच सामने आया है।उचाना स्थित ओजस अस्पताल एवं प्रसूति केंद्र के डॉ. नरवीर श्योरान ने बताया कि यह एक जटिल मामला था, लेकिन उनकी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ पत्नी डॉ. संतोष ने सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया और जच्चा-बच्चा दोनों ठीक हैं।
डॉ. श्योरान ने बताया कि 37 वर्षीय महिला को प्रसव पीड़ा उठने के बाद तीन जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने अगले दिन एक बेटे को जन्म दिया. डॉ. श्योरान ने बताया कि प्रसव प्रक्रिया के दौरान महिला को तीन यूनिट खून चढ़ाना पड़ा. उन्होंने बताया कि महिला शिशु के जन्म के अगले दिन यानी पांच जनवरी को पास के फतेहाबाद जिले स्थित अपने गांव लौट गई।
महिला के पति संजय कुमार (38) ने कहा कि वह शादी के 19 साल बाद अपनी 11वीं संतान के रूप में एक बेटे का स्वागत करके फूला नहीं समा रहा है. उसने बातचीत में बताया, ‘मेरी शादी 2007 में हुई थी. मेरी और मेरी पत्नी की इच्छा थी कि हमारा एक बेटा हो. हमारी बेटियां भी अपने लिए भाई चाहती थीं.’
संजय ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि 10 बेटियों के जन्म के बाद आखिरकार हमें एक बेटा हुआ.’ उसने बताया कि उसकी दसों बेटियां स्कूल जाती हैं और सबसे बड़ी बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ती है. संजय ने कहा, ‘सीमित आय के बावजूद, मैं अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा देने की कोशिश कर रहा हूं जो कुछ भी हुआ वह ईश्वर की इच्छा थी और मैं इससे खुश हूं.’। सोशल मीडिया पर अपने परिवार की चर्चा और पितृसत्तात्मक मानसिकता से जुड़े मुद्दों के बारे में पूछे जाने पर संजय ने कहा, ‘ऐसा नहीं है. मुझे भी लगता है कि आजकल लड़कियां कुछ भी हासिल करने में सक्षम हैं और उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी काबिलियत साबित की है. वे सभी को गौरवान्वित कर रही हैं.’।