राजधानी दिल्ली के मुखर्जी नगर के सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट में सोमवार को दिन भर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली पुलिस बल व अन्य विभागों की टीमों का तांता लगा रहा। जर्जर हो चुके इस अपार्टमेंट को 12 अक्तूबर तक खाली करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद अपार्टमेंट के फ्लैटों को खाली करने का सिलासिला लगातार जारी है। सोमवार को डीडीए के कई वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियर व बिजली विभाग और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के साथ दिल्ली पुलिस के कई अधिकारी और सिपाही अपार्टमेंट में पहुंचे। यहां पर सोमवार को अपार्टमेंट का बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए गए।
डीडीए अधिकारियों ने लोगों को सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के मद्देनजर अपार्टमेंट के फ्लैटों को खाली करने और बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जाने की बात कही। फ्लैटों में रहने वाले निवासियों ने डीडीए प्रशासन और अन्य विभागों से दस से 12 दिन की और मोहलत मांगी, लेकिन विभागों ने इससे इनकार कर दिया।
इस संबंध में अपार्टमेंट की आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष अमरेंद्र राकेश ने बताया कि सोमवार को दोपहर एक बजे के बाद दिल्ली पुलिस के अधिकारी और सिपाही डीडीए अधिकारियों के साथ अपार्टमेंट में पहुंचे। यहां पर सोमवार को बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए गए। अब तक 336 फ्लैटों में से 287 फ्लैटों को लोगों ने खाली कर दिया है। शेष बाकी बचे फ्लैटों को हमने जल्द खाली करने की अपील की है। हमें डीडीए को अपार्टमेंट के सभी फ्लैटों का कब्जा देना है। मुझे लगता है कि यह प्रक्रिया अक्तूबर के अंत पूरी होगी।
अमरेंद्र राकेश ने बताया कि अपार्टमेंट के 12 टावरों को ध्वस्ती करने की कार्रवाई अपार्टमेंट के डीडीए को कब्जा देने के बाद शुरू हो सकती है। इसमें डीडीए से विभिन्न बैठकों के बाद इस बात पर सहमति हुई है कि लोगों के रेंट में प्रत्येक वर्ष 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। अपार्टमेंट के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होने के बाद से लेकर अपार्टमेंट के फिर से निर्माण होने की प्रक्रिया पूरी होने तक सभी फ्लैट मालिकों को रेंट दिए जाएंगे। इसमें दो कमरों के फ्लैट मालिकों को 38 हजार रुपये और तीन कमरों के फ्लैट मालिकों को 50 हजार रुपये प्रति महीना रेंट देने की बात पर सहमति हुई। यह प्रत्येक वर्ष 10 फीसदी बढ़ाया जाएगा। जुलाई 2023 की तिथि से लोगों को रेंट प्रदान होगा।
अमरेंद्र राकेश ने बताया कि डीडीए प्रशासन से बातचीत के बाद अब तक 130 फ्लैट के मालिकों को रेंट जारी होना शुरू हो चुका है। हमें उम्मीद है कि बाकी बचे हुए लोगों को भी नवंबर से रेंट मिलना शुरू हो जाएगा। अपार्टमेंट से जुड़े हर मामले के संबंध में डीडीए के अधिकारियों से लगातार बातचीत कर रहे हैं।
अमरेंद्र राकेश के अनुसार अपार्टमेंट के ध्वस्त करने के लिए डीडीए एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपेगा। इसके लिए जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर डीडीए के साथ लगातार बातचीत होगी। इस अपार्टमेंट को नोएडा के ट्विन टावर की तर्ज पर तोड़ा नहीं जाएगा क्योंकि इस यह अपार्टमेंट जर्जर घोषित हो चुका है। इसे चरणबद्ध तरीके से बड़ी क्रेन के जरिए तोड़ा जाएगा।