दिल्ली ट्रैफिक पुलिसकर्मी द्वारा साधारण हेलमेट चेकिंग इतनी भयानक बन सकती है कि पुलिस अधिकारी पर भीड़ हमला कर दे? उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर इलाके में बीते बुधवार को कुछ ऐसा ही हुआ। वजीराबाद फ्लाईओवर के पास ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर को कुछ लोगों ने बुरी तरह पीटा और ये सब कैमरे में कैद हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये वीडियो देखकर हर कोई हैरान है – जहां पुलिसकर्मी को धक्के मारे जा रहे हैं और आसपास खड़े लोग तमाशा देखते रहे।
घटना 24 सितंबर की दोपहर करीब 3:48 बजे की है। सब-इंस्पेक्टर सुरज पाल सिंह वीआईपी रूट पर चेकिंग कर रहे थे, तभी उन्होंने स्कूटी पर सवार दो लोगों को बिना हेलमेट देखा। सिग्नल देकर रोका, लेकिन वो गाली-गलौज कर भाग निकले। सिंह ने पीछा किया और सिग्नेचर ब्रिज की तरफ उन्हें रोक लिया। लेकिन यहां से मामला उलझ गया – दोनों ने चिल्लाना शुरू किया, भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते हमला हो गया। सिंह को कई चोटें आईं, उनकी वर्दी फट गई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि अफवाहें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश भी की।
पुलिस को पीसीआर कॉल आई, और मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि दो हमलावरों को राहगीरों ने पकड़ रखा था। ये थे बुराड़ी के संत नगर निवासी सलमान (30) और भजनपुरा के अकबर हुसैन (26)। बाद में, स्कूटी के रजिस्ट्रेशन से ट्रेस करके पुलिस ने संगम विहार से वाहन जब्त किया। रेड्स में इमरान (20) और मोहम्मद अफसर (20) को गिरफ्तार किया गया। हैरानी की बात ये कि इन दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने पुलिस अधिकारी पर कम्युनल टिप्पणी का झूठा आरोप लगाकर भीड़ को भड़काया था। डीसीपी (नॉर्थ) राजा बंठिया ने बताया कि इससे सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश साफ झलक रही है, इसलिए केस में सेक्शन 299 बीएनएस जोड़ा गया।
पुलिस को पीसीआर कॉल आई, और मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि दो हमलावरों को राहगीरों ने पकड़ रखा था। ये थे बुराड़ी के संत नगर निवासी सलमान (30) और भजनपुरा के अकबर हुसैन (26)। बाद में, स्कूटी के रजिस्ट्रेशन से ट्रेस करके पुलिस ने संगम विहार से वाहन जब्त किया। रेड्स में इमरान (20) और मोहम्मद अफसर (20) को गिरफ्तार किया गया। हैरानी की बात ये कि इन दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने पुलिस अधिकारी पर कम्युनल टिप्पणी का झूठा आरोप लगाकर भीड़ को भड़काया था। डीसीपी (नॉर्थ) राजा बंठिया ने बताया कि इससे सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश साफ झलक रही है, इसलिए केस में सेक्शन 299 बीएनएस जोड़ा गया।