दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा “डिजिटल लोक अदालत” की शुरुआत

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक चालान के निपटारे में होने वाली देरी और प्रक्रिया की जटिलता को खत्म करने के लिए “डिजिटल लोक अदालत” की शुरुआत की है।

यह नई व्यवस्था दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) और नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के सहयोग से तैयार की गई है।

पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस डिजिटल प्रणाली का ई-उद्घाटन दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश एवं डीएसएलएसए के कार्यकारी अध्यक्ष वी कमेश्वर ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में किया।

पुलिस अधिकारी के अनुसार अब तक लोक अदालत में निपटाए गए चालान और नोटिस की ऑनलाइन स्थिति अपडेट होने में काफी समय लग जाता था। कई बार लोगों को यह पता लगाने के लिए इंतजार करना पड़ता था कि उनका चालान निपटा या नहीं। मैन्युअल एंट्री और अलग-अलग सिस्टम के कारण देरी और त्रुटियां भी सामने आती थीं। इन समस्याओं को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने तकनीकी समाधान के रूप में “डिजिटल लोक अदालत” प्लेटफॉर्म विकसित किया है।

कैसे काम करेगा नया सिस्टम? सभी ट्रैफिक चालान और नोटिस का डेटा एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होगा।लोक अदालत में जैसे ही किसी चालान का निपटारा होगा, उसकी जानकारी तुरंत सिस्टम में अपडेट हो जाएगी। वाहन मालिक को उसके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए सूचना भेजी जाएगी। यह सिस्टम वर्चुअल कोर्ट से जुड़ा हुआ है, जिससे एक प्लेटफॉर्म पर की गई अपडेट अपने आप दूसरे सिस्टम में भी दिखाई देगी। मैन्युअल डेटा एंट्री की जरूरत कम होगी, जिससे गलती की संभावना घटेगी।

इससे क्या होंगे फायदे: लंबित चालानों की संख्या में तेजी से कमी आएगी। वाहन मालिकों को जल्दी और आसान निपटारा मिलेगा। पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रक्रिया सरल होगी। अदालतों और पुलिस दोनों का समय बचेगा। मौजूदा लोक अदालत में रिकॉर्ड निपटारा।

इस बार की विशेष लोक अदालत में कुल 1,92,444 चालान और नोटिस निपटारे के लिए डाउनलोड किए गए। इनका निपटारा एक साथ किया गया और सभी संबंधित वाहन मालिकों को एसएमएस के जरिए सूचना भेजी गई। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यह कदम नागरिकों को बेहतर और तेज सेवा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पुलिस आगे भी तकनीक आधारित समाधान अपनाकर सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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