राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन गुब्बारा फेंकने को लेकर हुए विवाद में हुई तरुण की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस को जांच के दौरान अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने अब इस मामले में तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार हिरासत में ली गई महिलाओं की पहचान काली उर्फ सायरा, शरीफन और सलमा के रूप में हुई है। जांच के दौरान इन तीनों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई थीं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस अधिकारी वारदात से पहले और बाद की घटनाओं के बारे में उनसे विस्तार से जानकारी जुटा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश रचने या आरोपियों को मदद पहुंचाने में इन महिलाओं की किसी न किसी रूप में भूमिका हो सकती है। इसी एंगल से पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे और हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने एएनआई से बात करते हुए बताया, “आज, हमने 8 और लोगों को पकड़ा है, जिनमें सात बड़े और एक नाबालिग शामिल है। इन सात बड़े लोगों में तीन औरतें हैं। इन तीन औरतों में से एक वो है जिस पर आरोप है कि उसने घटना शुरू की थी। हमारी जांच अभी भी चल रही है। अब तक, हमने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है और दो को पकड़ा है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, हम उसी हिसाब से लोगों को पकड़ेंगे।
उत्तम नगर में होली के दिन हुए हत्याकांड के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने रविवार को प्रशासन के साथ मिलकर यूपी की तर्ज पर एक आरोपी के घर पर अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर वाली कार्रवाई को अंजाम दिया। इसके लिए इलाके में सुबह से ही निगम की टीम पहुंच गई थी। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात रहे। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल अवैध निर्माण के खिलाफ की गई है, पूरे मकान को नहीं। मकान के अवैध रूप से बने हिस्सों को ही हटाया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई नालों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के तहत की गई।