राजधानी दिल्ली में दिल्ली पुलिस, द्वारका डिस्ट्रिक्ट टीम ने एक ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझा लिया है। मृतक अनरूप गुप्ता की हत्या उसके दोस्त हैप्पी ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी. अनरूप गुप्ता के दोस्त ने हनी ट्रैप के जरिए अनरूप को बुलाया।फिर उसकी हत्या और लूट की. इसके बाद लाश के टुकड़े कर यमुना नदी में फेंक दिया. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. वहीं लाश के टुकड़ों को भी बरामद कर लिया ।
मृतक अनरूप गुप्ता द्वारका सेक्टर-13 में छत्तीसगढ़ सदन में कैंटीन चलाते थे. सेक्टर-14 के राधिका अपार्टमेंट में वह रहते थे. वह अपने परिवार से अलग रह रहे थे. 23 फरवरी 2026 को उनके भाई ने द्वारका नॉर्थ थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. 18 फरवरी से अनरूप गुप्ता लापता थे. उनकी सफेद रंग की ‘किया सेल्टोस कार’ भी गायब थी. पुलिस की जांच में सामने आया कि अनरूप गुप्ता सोने की अंगूठियां और ब्रेसलेट पहनने के शौकीन थे. यही शौक उनकी हत्या की वजह भी बना।
जांच में जुटी पुलिस ने किया सेल्टोस कार की लोकेशन ट्रैस की तो पता चला कि 19 और 20 फरवरी की आधी रात कार यमुना एक्सप्रेस-वे पर देखी गई थी. टोल प्लाजा के CCTV फुटेज खंगाले गए तो कार वृंदावन की ओर जाते हुए नजर आई. कुछ ही घंटे के बाद वापस नोएडा की तरफ लौटती हुई दिखाई दी. पुलिस जांच में सामने आया कि छत्तीसगढ़ सदन के CCTV फुटेज में 18 फरवरी को अनरूप गुप्ता को अपनी कार वहीं खड़ी कर एक बाइक से जाते हुए देखा गया।
कॉल डिटेल से कैब राइडर की पहचान हुई. उसके बताने पर पुलिस मटियाला एक्सटेंशन के एक मकान पर पहुंची, जहां पर अनरूप गुप्ता को छोड़ा गया था. यहां पर भी CCTV में अनरूप गुप्ता एक मकान में दाखिल होते हुए नजर आए, लेकिन निकलते हुए दिखाई नहीं दिए. इसके बाद कुछ दूसरे लोग भी उसी मकान में जाते हुए नजर आए. अगले दिन अनरूप गुप्ता की किया सेल्टोस कार इस मकान के बेसमेंट में आती है और कुछ देर बाद बाहर निकलती हुई दिखाई देती है. इसी के बाद कार यमुना एक्सप्रेस-वे की ओर जाती है।
दरअसल. जांच में खुलासा हुआ कि एक स्कूटी की पहचान हुई, जो हैप्पी और सूरज के नाम पर रजिस्टर्ड थी. इसके बाद हैप्पी को गिरफ्तार किया गया. पुलिस पूछताछ में हैप्पी ने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों भूपेंद्र, नीरज, बलराम और अपनी लिव इन पार्टनर राखी के साथ मिलकर अनरूप गुप्ता के किडनैप और कत्ल की साजिश रची थी। दरअसल, हैप्पी करीब एक साल पहले छत्तीसगढ़ सदन की कैंटीन में अनरूप के संपर्क में आया था. उसने यह देखा कि अनरूप को सोने के गहने पहनने का शौक है. साथ ही वह परिवार से भी अलग रहता है. सोने के लालच में उसने 18 फरवरी को अनरूप को अपने मटियाला एक्सटेंशन के किराए के घर पर पार्टी के बहाने बुलाया. जब अनरूप उस घर पर पहुंचा तो आरोपियों ने पहले अनरूप को जमकर पीटा और फिर उसे रस्सी से बांध दिया।
अनरूप ने आरोपियों को बताया कि उसके सोने के गहने कार में हैं. इसके बाद आरोपियों ने छत्तीसगढ़ सदन से कार लाकर गहने निकाल लिए. इसके बाद उन्होंने पैसे की भी मांग की. मना करने पर चाकू से अनरूप की हत्या कर दी. हत्या के बाद बलराम और नीरज झज्जर चले गए. हैप्पी ने लाश को ठिकाने के लिए एक बड़े चाकू का इंतजाम किया और लाश के टुकड़े किए. टुकड़ों को तीन प्लास्टिक बैग में पैक किया. इसके बाद खून के धब्बे साफ किया और खून से सने कपड़े पॉलिथीन में रखे गए।
कातिल इतने शातिर थे कि अनरूप का मोबाइल उन्होंने बंद नहीं किया, बल्कि मोबाइल को किया सेल्टोस कार में ही रख दिया, ताकि पुलिस गुमराह हो सके. उस मोबाइल से उन्होंने छत्तीसगढ़ सदन के स्टाफ को मैसेज भेजा कि कैंटीन बंद कर घर चले जाएं. परिवार को भी मैसेज किया कि अनरूप गोवा छुट्टी पर जा रहे हैं और परेशान न हो. इसके बाद आरोपी अनरूप की कार से लाश के टुकड़े लेकर यमुना एक्सप्रेस-वे से मथुरा की ओर गए और वृंदावन के पास यमुना नदी में बैग फेंक दिया।
फिलहाल पुलिस ने तीनों प्लास्टिक बैग बरामद कर लिए हैं, जिसमें लाश के टुकड़े रखकर फेंके गए थे. पुलिस ने इस मामले में हैप्पी, भूपेंद्र, हैप्पी की गर्लफ्रेंड राखी और बलराम को गिरफ्तार किया है, जबकि पांचवें आरोपी नीरज की तलाश की जा रही है।