दिव्यांगजनों को करीब 60 लाख रुपए की कीमत के 184 सहायक उपकरण निशुल्क वितरित किए गए

विशेष संवाददाता चिमन लाल

दिव्यांगजनों को भी स्वतंत्र एवं आत्मनिर्भर जीवन जीने का अधिकार: उपायुक्त सचिन गुप्ता

रोहतक,

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि दिव्यांगजनों को भी समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर स्वतंत्र जीवन जीने का अधिकार है। उपायुक्त राजकीय महिला महाविद्यालय में जिला रेड क्रॉस सोसाइटी व अरावली पावर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ करने के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उपयुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि दिव्यांगजनों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। विकास के मामले में दिव्यांगजनों को भी अन्य वर्ग के साथ लेकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ेगी। उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारियों को दिशा निर्देश जारी करते हुए उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला के हर वार्ड व हर गांव में मूल्यांकन शिविर आयोजित किया जाए ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजनों का रजिस्ट्रेशन किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोई भी दिव्यांग बिना सहायक उपकरण के नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सहायक उपकरणों के माध्यम से जब दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ती है तो वे व्यवसाय अथवा रोजगार से जुड़कर अपने आप को आर्थिक रूप से भी सशक्त बना सकेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री दिलीप कईर्बोत्ता ने कहा कि एपीसीपीएल अपने सीएसआर फंड का उपयोग निरंतर समाज कल्याण के लिए कर रहा है। उन्होंने दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित करने पर अपार खुशी व्यक्त की। उन्होंने जोर देकर कहा कि एपीसीपीएल समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और उनका मुख्य उद्देश्य समाज के हर अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ना है। विशिष्ट अतिथि उमेश कुमार ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि एपीसीपीएल अपने सीएसआर फंड की मदद से समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य प्रमुखता से कर रही है। उन्होंने अपने भाषण में समावेशन,विकास और दिव्यांग सशक्तिकरण के महत्व पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान सरकारी महिला पी.जी. कॉलेज के प्रिंसिपल शमशेर सिंह ने भी दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की।शिविर में रोहतक के विभिन्न स्थानों के 92 पूर्व चिन्हित दिव्यांग लाभार्थियों को लगभग 58.56 लाख रुपये की लागत से 184 सहायक उपकरण वितरित किए गए। इन उपकरणों के वितरण के लिए एलिम्को (भारत सरकार का उपक्रम) द्वारा पंजीकरण हेतु रोहतक के आस-पास के विभिन्न स्थानों में पहले ही परीक्षण शिविर आयोजित किए गए थे। कार्यक्रम में जिला रेडक्रॉस सोसायटी, रोहतक के सचिव विकास ने आए हुए सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया।

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