विशेष संवाददाता चिमन लाल
झज्जर,
उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने डिजिटल एग्री स्टैक फार्मर आईडी अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में और अधिक तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित सभी कृषि योजनाओं का लाभ फार्मर आईडी के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाएगा, इसलिए इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा एग्री स्टैक अभियान को मिशन मोड में चलाया जा रहा है और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी बनना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही आईडी भविष्य में मिलने वाली सब्सिडी, सरकारी योजनाओं, अनुदानों और अन्य सेवाओं का आधार बनेगी। बिना आईडी के किसान लाभ से वंचित रह सकते हैं, इसलिए अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र किसान छूटने न पाए। उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अब तक कुल 53 हजार 777 किसानों की डिजिटल एग्री स्टैक फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। ब्लॉकवार प्रगति के अनुसार बादली में 6 हजार 223, बहादुरगढ़ में 12 हजार 564, बेरी में 9 हजार 400, झज्जर में 12 हजार 248 तथा साल्हावास में 4 हजार 161 किसानों की आईडी तैयार की जा चुकी है।
डीसी पाटिल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव जाकर विशेष कैंप आयोजित किए जाएं, किसानों को फार्मर आईडी के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए और मौके पर ही आईडी जनरेट की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी या दस्तावेज संबंधी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए, ताकि अभियान की गति प्रभावित न हो और अधिक से अधिक किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।