प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों के अधिकारों को लेकर जंतर-मंतर पर विश्व पत्रकार महासंघ की धरना प्रदर्शन की तैयारी

अशोक कुमार निर्भय 

नई दिल्ली। देश में प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों के अधिकारों के मुद्दे को लेकर पत्रकार संगठनों के बीच एक बार फिर व्यापक चर्चा तेज हो गई है। इसी क्रम में विश्व पत्रकार महासंघ ने पत्रकारों की समस्याओं और उनके कल्याण से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में 12 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित सर्किट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों, विभिन्न जिलों से आए पत्रकारों तथा विश्व पत्रकार महासंघ की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती गीता शुक्ला ने भाग लिया।
बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा, पत्रकार कल्याण योजनाओं के विस्तार और मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों के सामने आ रही व्यावसायिक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित पत्रकारों ने कहा कि देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए पत्रकारों की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रेस स्वतंत्रता को लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है और इसी उद्देश्य से हर वर्ष 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, ताकि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र मीडिया की आवश्यकता पर वैश्विक स्तर पर चर्चा हो सके।
बैठक के दौरान विश्व पत्रकार महासंघ की राष्ट्रीय महासचिव गीता शुक्ला ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में कार्यरत पत्रकार अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कई बार उन्हें आर्थिक असुरक्षा, संस्थागत दबाव, संसाधनों की कमी और सुरक्षा से जुड़े जोखिमों के बीच काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय मंच की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से संगठन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय स्तर का धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से पत्रकारों के शामिल होने की संभावना है।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि पत्रकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, बीमा और पत्रकार कल्याण कोष जैसी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए। कई पत्रकारों ने सुझाव दिया कि जिला स्तर पर संगठनात्मक ढांचा मजबूत किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर भी पत्रकारों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। इसी के मद्देनजर प्रयागराज में विश्व पत्रकार महासंघ के जिला स्तरीय कार्यालय की स्थापना को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मौजूद पत्रकारों ने कहा कि आने वाले समय में जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले धरना-प्रदर्शन के माध्यम से पत्रकारों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा और सरकार तथा संबंधित संस्थाओं से ठोस कदम उठाने की मांग की जाएगी। इसके लिए विभिन्न जिलों और राज्यों के पत्रकारों से संपर्क कर उन्हें इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया जाएगा।
विश्व पत्रकार महासंघ के पदाधिकारियों के अनुसार यह आंदोलन केवल किसी संगठन का कार्यक्रम नहीं बल्कि पत्रकारों के अधिकारों और लोकतंत्र की मजबूती से जुड़ा एक व्यापक अभियान है। बैठक में मौजूद पत्रकारों ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यदि पत्रकार सुरक्षित और स्वतंत्र वातावरण में कार्य करेंगे तभी समाज को निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी मिल सकेगी।
बैठक के अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन की तारीख और कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा जल्द ही घोषित की जाएगी। इसके लिए देशभर के पत्रकार संगठनों और स्वतंत्र पत्रकारों से सहयोग और सहभागिता की अपील भी की जाएगी, ताकि प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों के अधिकारों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया जा सके।

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