महाराष्ट्र की सियासत में अहम प्रशासनिक फेरबदल के तहत उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को राज्य सरकार के चार महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुनेत्रा पवार को आबकारी (Excise), खेल एवं युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास और औकाफ (Wakf) विभाग आवंटित किए गए हैं।यह पहली बार है जब उन्हें एक साथ इतने प्रभावशाली और जनसरोकार से जुड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली है।
वहीं, दिवंगत नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पास रहे वित्त और योजना जैसे अहम विभाग अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास रहेंगे। इसके साथ ही राज्य की आर्थिक नीति और विकास योजनाओं की कमान सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन आ गई है।
राज्य मंत्रिमंडल में यह विभागीय बंटवारा सत्ता संतुलन और प्रशासनिक निरंतरता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। आबकारी विभाग राज्य के राजस्व का एक प्रमुख स्रोत माना जाता है, जबकि खेल और युवा कल्याण विभाग युवाओं को अवसर देने और खेल अधोसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अल्पसंख्यक विकास और औकाफ विभाग सामाजिक समावेशन, शैक्षिक सहायता और धार्मिक संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़े हैं। इन विभागों की जिम्मेदारी मिलने से सुनेत्रा पवार की भूमिका केवल प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो गई है।
वित्त और योजना विभाग मुख्यमंत्री के पास रहने से राज्य सरकार की आर्थिक रणनीति पर उनका सीधा नियंत्रण रहेगा। बजट निर्माण, राजकोषीय अनुशासन और दीर्घकालिक विकास योजनाओं को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने का संदेश भी इससे मिलता है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सरकार को तेज निर्णय लेने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद करेगा।
सुनेत्रा पवार को मिले विभाग सीधे तौर पर आम जनता, युवाओं और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े हैं। खेल और युवा कल्याण विभाग के माध्यम से राज्य सरकार युवाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और खेलों के जरिए आगे बढ़ाने की दिशा में नए कार्यक्रम शुरू कर सकती है।
आबकारी विभाग के जरिए राजस्व वृद्धि और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण भी सरकार की प्राथमिकता रहेगी। वहीं अल्पसंख्यक और औकाफ विभाग सामाजिक न्याय और विश्वास निर्माण की दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कुल मिलाकर, यह विभागीय बंटवारा महाराष्ट्र सरकार की नई प्राथमिकताओं और सत्ता संरचना को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।