महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर पीएम मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं

महाशिवरात्रि का पावन पर्व आज देश भर में बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही शिवालयों में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंज रहे हैं और भक्त भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं।

आस्था के इस संगम के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को महाशिवरात्रि की बधाई दी है. पीएम मोदी, जो खुद भगवान शिव के अनन्य भक्त माने जाते हैं और अक्सर केदारनाथ से लेकर काशी विश्वनाथ तक साधना करते नजर आते हैं, उन्होंने इस विशेष अवसर पर समस्त भारतवर्ष के लिए सुख और समृद्धि की कामना की है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से देश के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘देशभर के मेरे परिवारजनों को महाशिवरात्रि की ढेरों शुभकामनाएं. मेरी कामना है कि आदिदेव महादेव सदैव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें ।’

पीएम मोदी ने आगे लिखा कि उनके आशीर्वाद से सबका कल्याण हो और हमारा भारतवर्ष समृद्धि के शिखर पर विराजमान हो. हर हर महादेव.

प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल एक औपचारिक शुभकामना नहीं है, बल्कि इसमें ‘सबका कल्याण’ और ‘समृद्ध भारत’ की गहरी भावना छिपी है. पीएम मोदी अक्सर अपने संबोधनों में कहते रहे हैं कि भारत की सांस्कृतिक विरासत ही उसकी असली ताकत है. महाशिवरात्रि का पर्व हमें नकारात्मकता को त्याग कर सकारात्मकता की ओर बढ़ने का संदेश देता है, और प्रधानमंत्री ने इसी शक्ति के माध्यम से देश को ‘समृद्धि के शिखर’ पर ले जाने की बात कही है.

आज के दिन काशी विश्वनाथ धाम हो या उज्जैन का महाकाल लोक, हर तरफ भक्तों का रेला उमड़ा हुआ है. विशेष रूप से काशी (वाराणसी) में, जो प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र भी है, वहां उत्सव का माहौल काफी अलग है. मंदिर परिसर को फूलों और लाइटों से सजाया गया है, और प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में जिस तरह से धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्रों का कायाकल्प हुआ है, उसने इन पर्वों की चमक और बढ़ा दी है. चाहे वह केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हो या काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का विस्तार, इन कार्यों ने श्रद्धालुओं के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है।महाशिवरात्रि के इस मौके पर लोग न केवल भगवान शिव की पूजा कर रहे हैं, बल्कि नए भारत के निर्माण और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के संकल्प को भी दोहरा रहे हैं।

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