विशेष संवाददाता चिमन लाल
कटा या फटा राष्ट्रीय ध्वज न फहराएं, झंडा संहिता के अनुसार करें निस्तारण
झज्जर,
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की आन-बान और शान का प्रतीक है तथा इसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि विभिन्न अवसरों और त्योहारों पर उत्साहपूर्वक तिरंगा फहराया जाता है, लेकिन यदि किसी स्थान पर फटा, कटा या रंग उड़ा हुआ राष्ट्रीय ध्वज हो तो उसे तुरंत बदलकर नया ध्वज फहराएं तथा पुराने ध्वज का सम्मानपूर्वक निस्तारण करें। उपायुक्त ने कहा कि तिरंगा कभी भी मैला-कुचैला या क्षतिग्रस्त अवस्था में नहीं फहराया जाना चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज के किसी भी भाग को जलाना, नुकसान पहुंचाना या मौखिक रूप से इसका अपमान करना कानूनन दंडनीय अपराध है, जिसके लिए तीन वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि ध्वज पर कुछ भी लिखना या बनाना गैरकानूनी है तथा इसे किसी भी प्रकार की वर्दी या पोशाक में उपयोग नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में तिरंगा जमीन को स्पर्श नहीं करना चाहिए और किसी अन्य झंडे को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा नहीं लगाया जा सकता। भारतीय झंडा संहिता में संशोधन के बाद अब प्रत्येक नागरिक किसी भी दिन राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है, लेकिन उसके सम्मान और नियमों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय ध्वज को कभी भी कूड़ेदान में नहीं डालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ध्वज पूरी तरह उपयोग योग्य हो तो उसे साफ-सुथरा करके घर के अंदर सम्मानपूर्वक सुरक्षित रखा जा सकता है, ताकि भविष्य में राष्ट्रीय पर्वों पर पुनः उपयोग किया जा सके।
उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 तथा भारतीय झंडा संहिता, 2021 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि तिरंगे के प्रति पूर्ण सम्मान बनाए रखें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें।