दिल्ली की रेल यात्रा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। देश के सबसे व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में गिने जाने वाले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को आधुनिक रूप देने की तैयारी तेज कर दी गई है।इसके लिए ‘रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण’ ने कमर कस ली है। इसके लिए रेलवे ने स्टेशन से संचालित होने वाली करीब 5 दर्जन ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है।
वर्तमान में इस स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 300 ट्रेनों का आवागमन होता है और 4 लाख से अधिक यात्री यहाँ से गुजरते हैं। इतनी भारी भीड़ के बीच निर्माण कार्य करना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे हल करने के लिए अब ट्रेनों की संख्या में कटौती की जा रही है।
नई दिल्ली स्टेशन से हटाई जाने वाली ट्रेनों को दिल्ली-NCR के विभिन्न प्रमुख स्टेशनों पर भेजा जाएगा। रेलवे के नए रूट प्लान के अनुसार, इन ट्रेनों का संचालन अब पुरानी दिल्ली, सराय रोहिल्ला, आनंद विहार रेलवे स्टेशन, सब्जी मंडी, तुगलकाबाद, गाजियाबाद और बिजवासन स्टेशनों से किया जाएगा।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के फुटफॉल को नियंत्रित करना है, ताकि पहाड़गंज साइड से शुरू हो चुके निर्माण कार्य में कोई अड़चन न आए।
रेलवे की इस पूरी शिफ्टिंग योजना में बिजवासन रेलवे स्टेशन (Bijwasan Railway Station) सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। अधिकारियों के मुताबिक, अगले छह महीनों में बिजवासन स्टेशन पूरी तरह से तैयार हो जाएगा, जहां 8 नए प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं। पेड़ों की कटाई से जुड़ी कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद अब काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।उम्मीद है कि जुलाई 2026 तक स्टेशन तैयार होते ही सराय रोहिल्ला और नई दिल्ली की लगभग तीन दर्जन ट्रेनें अकेले बिजवासन से संचालित की जाएंगी, जिससे सराय रोहिल्ला पर भी भीड़ का दबाव काफी कम हो जाएगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले ‘नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम’ (NTES) या रेलवे की वेबसाइट पर अपनी ट्रेन के प्रस्थान स्टेशन की जांच अवश्य कर लें।