विशेष संवाददाता चिमन लाल
अपराध होने पर राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें डायल
रोहतक
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया ने साइबर अपराध से जुड़े रैनसमवेयर के बारे में जागरूक करते बताया कि रैनसमवेयर एक प्रकार का हानिकारक सॉफ्टवेयर है। जिसको चलाने पर कंप्यूटर या डिवाइस की कार्यशैली बाधित हो जाती है। उसके पश्चात स्क्रीन पर एक मैसेज प्रकट होने लगता है जिसके माध्यम से संबंधित कंप्यूटर या डिवाइस की कार्यशैली को वापस शुरू करने हेतु पैसों का भुगतान करने के लिए कहा जाता है। अन्य शब्दों में यह एक प्रकार की ऑनलाइन फिरौती है। रैनसमवेयर मुख्यतः फिशिंग ईमेल या अनजाने में किसी इन्फेक्टेड वेबसाइट के इस्तेमाल से फैलता है।
बचाव के लिए सुझाव
- किसी भी अज्ञात स्रोत से प्राप्त ईमेल जिसमें संदिग्ध फाइल या लिंक हो उसको ओपन ना करे।
- अपने कंप्यूटर में हमेशा एंटीवायरस को अपडेट रखें एवं सुनिश्चित करें कि विंडोज फायरवॉल चालू हो वह ठीक से कॉन्फ़िगर किया गया हो।
- अपने अति महत्वपूर्ण दस्तावेजों का नियमित अंतराल पर किसी अन्य स्थान पर बैकअप बनाते रहें।
- अपने ईमेल अकाउंट में उचित स्पैम फिल्टर को सक्रिय रखें।
अगर आपके साथ किसी भी प्रकार का साइबर अपराध हो जाता है या आप किसी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाते हैं तो बिना किसी देरी के जल्द से जल्द इसकी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 व नजदीकी पुलिस थाना/चौकी, साइबर थाना रोहतक में सूचना दें। 1930 पर तुरंत प्रभाव से शिकायत दे ट्रांजेक्शन फ्रीज करवाए और वित्तीय हानि से बचे।