अशोक कुमार निर्भय
नई दिल्ली। पश्चिम विहार स्थित केंद्र सरकार की स्वास्थ्य सेवा सीजीएचएस डिस्पेंसरी में बुजुर्ग मरीजों के साथ हो रहे कथित अन्याय और अव्यवस्था के खिलाफ समाजसेवी और जनहित के मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहने वाले प्रवेश गौड़ ने जोरदार तरीके से आवाज उठाई है। उन्होंने बुजुर्गों और मरीजों की परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। गौड़ के इस कदम को क्षेत्र के लोगों ने साहसिक और सराहनीय बताया है।
बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी के बीच डिस्पेंसरी में इलाज के लिए आने वाले बुजुर्ग मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई मरीजों को बैठने की समुचित व्यवस्था भी नहीं मिल पाती, जबकि अंदर डॉक्टर और स्टाफ एसी कमरों में काम कर रहे होते हैं। इस स्थिति को देखकर सूरी ने गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि बुजुर्गों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जिन बुजुर्गों ने जीवन भर देश और समाज के लिए योगदान दिया, उन्हें इस उम्र में सम्मान और सुविधा मिलनी चाहिए, न कि उपेक्षा।
प्रवेश गौड़ ने आरोप लगाया कि कई बार मरीजों को दवाइयों के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि दवा स्टॉक में उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, कई मरीजों का यह भी कहना है कि डॉक्टर ऐसी दवाइयां लिख देते हैं जो डिस्पेंसरी में उपलब्ध नहीं होतीं और उन्हें बाहर निजी मेडिकल स्टोर से खरीदना पड़ता है। इससे विशेष रूप से बुजुर्ग और सीमित आय वाले मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।
समाजसेवी प्रवेश गौड़ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती हैं और उसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी डिस्पेंसरी में आने वाले मरीजों को सम्मानजनक व्यवहार, दवा और उचित सुविधा नहीं मिलेगी तो इसका सीधा असर आम जनता के भरोसे पर पड़ेगा। प्रवेश गौड़ ने केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा विभाग से मांग की है कि इस पूरे मामले की तुरंत जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बुजुर्ग मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि वेटिंग एरिया में पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, ठंडे पानी और पंखे या एसी जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि मरीजों को गर्मी में परेशान न होना पड़े।
क्षेत्र के लोगों ने भी सूरी की इस पहल की खुलकर सराहना की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रवेश गौड़ हमेशा आम लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते रहे हैं और बुजुर्गों के सम्मान तथा अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार सक्रिय रहते हैं। लोगों ने उम्मीद जताई है कि उनकी पहल के बाद संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से लेगा और जल्द ही व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा।
प्रवेश गौड़ ने अंत में कहा कि वह बुजुर्गों और आम मरीजों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाते रहेंगे और जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक इस मुद्दे को मजबूती से उठाते रहेंगे।