विशेष संवाददाता चिमन लाल
रोहतक,
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रोहतक की सचिव डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि 14 मार्च को रोहतक न्यायालय परिसर में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत आमजन को त्वरित, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नागरिकों का आह्वान किया कि वे अपने लंबित मुकदमों को राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत कर आपसी सहमति से निपटारा करवाएं, जिससे उन्हें बार-बार न्यायालय में तारीख पर उपस्थित होने की परेशानी से राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में चालान से संबंधित मामले, जमीन/संपत्ति विवाद, बैंक ऋण संबंधी मामले, बिजली एवं पानी बिल संबंधी मामले, आपराधिक कंपाउंडेबल (समझौता योग्य) मामले, प्री-लिटिगेशन (वाद दायर होने से पूर्व) मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा।
सचिव डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जाता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है तथा निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन नंबर 15100 पर कॉल करके मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में आकर भी नि:शुल्क कानूनी सहायता ली जा सकती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियुक्त पैनल अधिवक्ताओं की सेवाओं के लिए पात्र व्यक्तियों से किसी प्रकार की कोई फीस नहीं ली जाती है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेकर अपने मामलों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।