दिल्ली सरकार ने यह भी कहा है कि बिना पलूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) के बिना दिल्ली में किसी वाहन को फ्यूल नहीं मिलेगा। सभी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी रिटेल आउटलेट से कहा गया है कि केवल उन्हीं गाड़ियों को फ्यूल दिया जाए जिनके पास PUCC हो।
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि ग्रैप-4 लागू रहने के दौरान किसी भी वाहन से रेत, बजरी, सीमेंट, ईंट, कंक्रीट, मलबा समेत किसी भी निर्माण सामग्री की आवाजाही पर रोक रहेगी। किसी भी वाहन को इन सामानों के साथ दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी। यदि कोई वाहन निर्माण सामग्री ले जाते हुए पकड़ा जाता है तो भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
पर्यावरण विभाग की ओर से बुधवार 17 दिसंबर को जारी नोटिफिकेशन से तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। इसके मुताबिक ग्रैप-4 के दौरान दिल्ली से बाहर रजिस्टर्ड BS-VI स्टैंडर्ड की सभी गाड़ियों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को इससे छूट रहेगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट और जरूरी सेवाओं या आवश्यक सामग्री ले जाने वाले वाहनों को भी छूट के दायरे में रखा गया है।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई बार इस बात को दोहराया कि दिल्ली से बाहर की BS-VI से कम की किसी भी गाड़ियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। उन्होंने इसमें डीजल, पेट्रोल या सीएनजी आदि फ्यूल का भेद किए बिना कहा कि- किसी भी वाहन को आने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली के अंदर जो बाहर से गाड़ियां आती हैं, BS-6 से कम के वाहन, ध्यान से फिर से सुन लें, ट्रक तो पहले से बैन हैं, लेकिन प्राइवेट गाड़ियां भी अगले आदेश तक… दिल्ली के अंदर ‘किसी भी तरह का’ वाहन बाहर से आने वाला BS-VI से कम नहीं होना चाहिए। BS-VI से कम का ‘कोई वाहन होगा’ तो कल के दिन (17 दिसंबर) छूट है, परसो से उन सभी वाहनों को सीज किया जाएगा। ‘कोई भी वाहन’ जो दिल्ली में रजिस्टर्ड नहीं है, ऐसा ‘कोई भी वाहन’ BS-VI से कम का है, दिल्ली में प्रवेश नहीं करेगा और यदि कोई पाया गया तो सीज किया जाएगा।’ दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते संकट की वजह से राजधानी में कई सख्त फैसले लागू किए गए हैं। 18 दिसंबर से दिल्ली में दूसरे राज्यों की ऐसी गाड़ियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा जो बीएस-6 मानक से कम की हैं।