हरियाणा की प्राचीन संस्कृति बेहद समृद्ध एवं गौरवशाली :- राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा

विशेष संवाददाता चिमन लाल

देश व दुनिया से हरियाणा की संस्कृति को अपनाने का किया आह्वान

रोहतक,

राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने हरियाणा की पुरानी संस्कृति को दोबारा से विकसित करने का आह्वान किया है। जांगड़ा आज हरियाणा स्थापना दिवस के अवसर पर महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के राधाकृष्णन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। हरियाणा की प्राचीन संस्कृति को समृद्ध एवं गौरवशाली बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर पूरी दुनिया हरियाणा की इस संस्कृति को अपना ले तो सभी दुख दर्द समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने हरियाणा के रीति-रिवाज को बेमिसाल बताया। हरियाणा के प्राचीन संस्कृति का जिक्र करते हुए रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि पुराने समय में एक ही परिवार में कई-कई बच्चे हुआ करते थे, लेकिन इसके बावजूद भी भविष्य को लेकर कोई चिंता नहीं रहती थी। इसके पीछे हरियाणा की मजबूत संस्कृति खड़ी थी, जहां पर लोग एक दूसरे की मदद करने के लिए सदैव तैयार रहते थे और किसी भी परिवार को पीछे नहीं रहने दिया जाता है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि अगर किसी परिवार में कई बेटियां भी होती थी तो उसे परिवार को बेटी के विवाह के लिए बजट की चिंता करने की जरूरत नहीं रहती थी। उसे दौरान न्यौंदा व्यवस्था थी, जिसमें बेटी के विवाह के समय में समूचा समाज आर्थिक मदद करता है। इसी प्रकार से उन्होंने हरियाणा में विवाह के दौरान की परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब किसी गांव में बारात जाती थी तो सर्वप्रथम यह जानकारी ली जाती थी कि दूल्हे के गांव की कितनी बेटियां दुल्हन के गांव में विवाहित है। इन सभी लड़कियों का उनके घर पर जाकर सम्मान किया जाता था।
उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी परंपरा रही है, जो दर्शाती है कि हरियाणा में प्राचीन समय में जाति को लेकर कोई भेदभाव नहीं रहा। उन्होंने बताया कि विवाह के दौरान हरियाणा में बान-तेल की प्रथा थी। कुनबों में जितने भी परिवार होते थे, सभी एक-एक करके विवाह के दौरान बान-तेल की रीति रिवाज को अपनाते थे, जिसके तहत एक परिवार पूरे कुनबे का खाना परोसता था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हरियाणा में हर बात को मजाक में डाल दिया जाता था। इस प्रकार से यहां भाईचारा भी बेहद मजबूत रहा है। उन्होंने इस संदर्भ में अनेक मिसाल प्रस्तुत की, जो मजाक के माध्यम से संदेश देने का कार्य करती थी। उन्होंने बटेऊ को बूरा और मौसा को खाट देने के किस्से भी सुनाएं। सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि प्राचीन सनातन संस्कृति की जड़ भी हरियाणा में रही है। उन्होंने इस बारे आठ हजार पुरानी राखीगढ़ी की सभ्यता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राखीगढ़ी में मिले घरों के डिजाइन वे बाथरूम अलग तरीके के थे। उन्होंने बेहतर पर्यावरण के लिए हरियाणा में प्राचीन समय में किए जाने वाले कार्यों का भी विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि पुराने समय में यह कहावत प्रचलित थी कि जिस व्यक्ति ने हरियाणा में जन्म ले लिया उसे किसी तीर्थ स्थान पर जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हरियाणा को स्वर्ग की धरती माना गया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में हरियाणा की परंपरागत संस्कृति को अपनाने की जरूरत है। राज्यसभा सांसद ने सभी को हरियाणा दिवस की शुभकामनाएं दी।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को भी दिखाया गया। पंचकूला में हरियाणा दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यपाल प्रो. अशीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने भाग लिया। दोनों ने तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव एवं प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ किया और विभिन्न स्टॉलों एवं प्रदर्शनों का अवलोकन किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वाली सांस्कृतिक टीमों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इस अवसर पर महापौर राम अवतार वाल्मीकि, भाजपा जिला अध्यक्ष रणबीर ढाका, भाजपा की प्रदेश सचिव रेनू डाबला, उपायुक्त सचिन गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, सांपला के एसडीएम उत्सव आनंद, महम के एसडीएम मुकुंद तंवर, आरटीए सचिव वीरेंद्र सिंह ढुल, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनजीत कुमार, नगराधीश अंकित कुमार, मंडल आयुक्त के ओएसडी शुभम, सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, व जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक, मदवि के रजिस्ट्रार केके गुप्ता, मदवि के निदेशक युवा कल्याण विभाग प्रताप राठी आदि मौजूद रहे।

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