उपायुक्त सचिन गुप्ता ने स्वास्थ्य वाहिनी का किया शुभारंभ

विशेष संवाददाता चिमन लाल

स्तन कैंसर जागरूकता एवं शीघ्र जांच हेतु मोबाइल मेडिकल पहल

रोहतक,

महिलाओं के स्वास्थ्य और निवारक देखभाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला प्रशासन रोहतक द्वारा स्वास्थ्य वाहिनी नामक विशेष मोबाइल मेडिकल पहल की शुरुआत की गई है। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिला के सांपला खंड के गांव इस्माईला से इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि यह पहल जिला की महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने और इसकी शीघ्र पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं सीधे पहुंचाना है, ताकि हर महिला को स्क्रीनिंग, निदान और समय पर उपचार की सुविधा मिल सके। सचिन गुप्ता ने कहा कि वन विलेज – वन डे की थीम पर आधारित स्वास्थ्य वाहिनी अभियान को समुदाय-स्तर पर केंद्रित और व्यापक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए तीन अलग-अलग चरणों में चलाया जाएगा। प्रथम चरण में शारीरिक जांच एवं जागरूकता के तहत प्रशिक्षित महिला डॉक्टरों, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम प्रत्येक गांव में जाकर प्रारंभिक शारीरिक जांच के माध्यम से स्तन में किसी भी असामान्यता के शुरुआती संकेतों की जांच करेगी। महिलाओं को स्वयं परीक्षण और शीघ्र पहचान के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि द्वितीय चरण में डायग्नोस्टिक स्क्रीनिंग (मैमोग्राफी) के तहत प्रथम चरण में लक्षण पाए जाने वाली महिलाओं की मैमोग्राफी एवं अन्य उन्नत डायग्नोस्टिक जांच मोबाइल मेडिकल यूनिट या नामित केंद्रों के माध्यम से करवाई जाएगी। प्रत्येक प्रतिभागी को व्यक्तिगत डायग्नोस्टिक रिपोर्ट प्रदान की जाएगी। तीसरे चरण में रेफरल और उपचार के अंतर्गत सभी पुष्टि किए गए या संभावित पॉजिटिव मामलों को आगे की जांच और उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा, जिनमें पं. भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर चिकित्सा संस्थान, रोहतक, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान झज्जर, हरियाणा के अन्य सरकारी चिकित्सा संस्थान शामिल हैं। जिला प्रशासन प्रत्येक रेफर किए गए मामले का उपचार प्रारंभ होने तक फॉलो-अप और समन्वय सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में स्वास्थ्य वाहिनी कार्यक्रम के दौरान निम्न वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सेवा प्रदान की जाएगी, जिनमें महिला स्कूल शिक्षक, महिला स्वास्थ्य एवं सरकारी कर्मचारी, 35 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की सभी महिलाएं (चयनित क्षेत्रों में) शामिल हैं। यह पहल डॉ. अनिता नरूला चैरिटेबल फाउंडेशन और एलपीएस बॉसार्ड के सहयोग से लागू की जा रही है, जो समुदाय के स्वास्थ्य और निवारक स्क्रीनिंग के लिए एक मजबूत पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप का उदाहरण है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य वाहिनी केवल एक स्क्रीनिंग ड्राइव नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य सशक्तिकरण की एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य हर महिला, को विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां जागरूकता और सुविधाएं कम हैं, शीघ्र पहचान की सुविधा उपलब्ध कराना है। समय पर निदान जीवन बचाता है—स्वास्थ्य वाहिनी इसी संभावना को हर दहलीज तक लेकर जाती है। इस्माइला गांव में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम में महिलाओं, शिक्षिकाओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा चिकित्सा टीम द्वारा दी गई जागरूकता जानकारी और डेमोंस्ट्रेशन में सक्रिय रूप से शामिल हुईं।

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