रोहतक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

विशेष संवाददाता चिमन लाल

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) फॉर्म के नाम पर हो रही धोखाधडी से सावधान
एसआईआर फॉर्म या इसी नाम से फर्जी कॉल कर ओटीपी मांगते है: पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह भौरिया

रोहतक

पुलिस अधीक्षक रोहतक सुरेन्द्र सिंह भौरिया ने बताया कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के नाम पर धोखाधडी की जा रही है। यह एक व्यापक प्रक्रिया है जिसे भारत निवार्चन आयोग (ईसीआई) द्वारा मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिये चलाया गया है। इसका उद्देशय योग्य मतदाताओ को शामिल करना और अपात्र या दोहराए गये नामो को हटाना है।

धोखाधडी का तरीका-

1 साइबर अपराधी एसआईआर फॉर्म या इसी नाम से फर्जी कॉल कर ओटीपी मांगते है।
2 एसआईआर.एपीके फाइल नाम से फर्जी एपीके इन्सटाल कराते है।
3 ये सरकारी दिखने वालो नाम और लोगो का उपयोग करते है ताकि आजमन भ्रमित हो जाये।

ध्यान रखने योग्य बाते-

1.यदि किसी अनजान व्यक्ति का फोन आये और वह कहे कि आपके एसआईआर फॉर्म के लिये आपके मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा गया है। ओटीपी बताने बारे आपको कहा जाता है। किसी भी स्थिति मे ओटीपी सांझा न करे। इस बारे मे आमजन केवल ऑफिस या अपने बीएलओ से ही संपर्क करे। बार-बार अगर आप पर ओटीपी देने का दबाब बनाये जाये या धमकी दे तो तुंरत पुलिस की मदद ले। ओटीपी किसी भी व्यक्ति को ना दे चाहे वह खुद को किसी भी विभाग का कर्मचारी बताये।
2 कोई भी सरकारी एंजेसी कभी भी कॉल, व्हाटसअप, एसएमएस या एपीके फाइल के माध्यम से ओटीपी, बैंक के खाते आदि की जानकारी नही मांगती है।
3 इस प्रकार की किसी भी एसआईआर.एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करे। आपके मोबाइल से कॉन्ट्रैक्टस, फोटो, मैसज और निजी जानकारी चोरी हो सतकी है। आपके एसएमएस पढकर आपके बैंक के खाते से रुपये निकाल सकता है। सोशल मीडिया, ईमेल ओर यूपीआई ऐप्स के लॉगिन क्रेंडेशियल्स चुराये जा सकते है। आपके मोबाइल मे वायरस या मालवेयर डाला जा सकता है।
किसी प्रकार का साइबर फ्रॉड हो जाता है तो घबराएं नहीं। बल्कि तुरंत साइबर धोखाधड़ी होने पर शिकायत साइबर हेल्प डेस्क नंबर 1930 या अपने बैंक तथा नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें और साईबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत रजिस्टर्ड कराए।

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