विशेष संवाददाता चिमन लाल
अशोक कुमार निर्भय
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित 69वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों में दिल्ली की होनहार बालिका खिलाड़ी भव्या बजाज ने अंडर-17 गर्ल्स रोलर स्केटिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर राजधानी के लिए गौरवपूर्ण शुरुआत की है। इस उपलब्धि के साथ ही दिल्ली ने 69वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों में अपना खाता खोला और प्रतियोगिता के पहले ही चरण में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह पदक न केवल खिलाड़ी की मेहनत और प्रतिभा का परिणाम है, बल्कि दिल्ली के खेल तंत्र, प्रशिक्षकों और प्रशासनिक सहयोग की सामूहिक सफलता को भी दर्शाता है।
69वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों का आयोजन नेशनल स्कुल गेम्स के तहत ग्वालियर में किया जा रहा है, जहां देशभर से आए युवा खिलाड़ी विभिन्न खेलों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं। रोलर स्केटिंग जैसी तकनीकी और संतुलन-आधारित खेल विधा में स्वर्ण पदक जीतना कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच उत्कृष्ट कौशल, निरंतर अभ्यास और मानसिक दृढ़ता की मांग करता है। भव्य बाजाज ने इन्हीं गुणों का परिचय देते हुए फाइनल मुकाबले में बेहतरीन टाइमिंग और नियंत्रण के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।
दिल्ली के खेल प्रशासन ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे राजधानी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। खेल शाखा के अंतर्गत निदेशक महोदया, अतिरिक्त निदेशक महोदय तथा उप निदेशक शिक्षा (खेल शाखा) द्वारा प्रदान किए गए मार्गदर्शन और सहयोग को इस सफलता का अहम आधार माना गया। प्रशिक्षण से लेकर प्रतियोगिता में भागीदारी तक, हर स्तर पर मिली संस्थागत सहायता ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया और परिणामस्वरूप दिल्ली की टीम ने प्रतियोगिता की शुरुआत स्वर्णिम अंदाज़ में की।
कोचों और मैनेजर्स की भूमिका भी इस जीत में निर्णायक रही। दिल्ली टीम के सभी कोचों और प्रबंधकों ने खिलाड़ियों को तकनीकी तैयारी, रणनीति और मानसिक मजबूती के साथ मैदान में उतरने के लिए प्रेरित किया। उनकी सतत निगरानी, अभ्यास सत्रों की सटीक योजना और प्रतियोगिता के दौरान निरंतर प्रोत्साहन ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को धार दी। रोलर स्केटिंग जैसे खेल में छोटी-छोटी तकनीकी बारीकियां निर्णायक बनती हैं, जिन्हें कोचिंग स्टाफ ने बखूबी संभाला।
इस स्वर्ण पदक के साथ ही पूरी दिल्ली टीम में उत्साह और खुशी का माहौल है। खिलाड़ियों के बीच आपसी मनोबल बढ़ा है और आने वाली स्पर्धाओं के लिए आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। टीम के सदस्यों का कहना है कि यह जीत सामूहिक मेहनत का परिणाम है और इससे बाकी खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी। प्रतियोगिता स्थल पर मौजूद दर्शकों और खेल प्रेमियों ने भी दिल्ली की इस ऐतिहासिक शुरुआत की सराहना की।
खेल विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूल स्तर पर ऐसी उपलब्धियां भविष्य के अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए मजबूत नींव रखती हैं। राष्ट्रीय स्कूल खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। दिल्ली की यह स्वर्णिम शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आयोजकों ने भी प्रतियोगिता के सुचारु संचालन और खिलाड़ियों की सुरक्षा व सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। ग्वालियर में खेलों के आयोजन से स्थानीय खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिला है और युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त हुआ है। दिल्ली की टीम अब आगे की स्पर्धाओं में भी इसी जोश और तैयारी के साथ उतरने को तैयार है, ताकि राजधानी के खाते में और पदक जुड़ सकें और यह अभियान लगातार आगे बढ़े।