विशेष संवाददाता चिमन लाल
किडनी खराब होने के लक्षण, बचाव व कारणो बारे दी गई विस्तृत जानकारी
रोहतक
जिला पुलिस प्रशासन द्वारा शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे स्थित सभागार मे किडनी व उच्च हिमोग्लोबिन को लेकर विशेष जागरुक कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ राहुल भार्गव (प्रिंसिपल डायरेक्टर व चीफ, हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी & बीएमटी) फोर्टिस हॉस्पिटल गुरुग्राम व डॉ. सलिल जैन (सीनियर डायरेक्टर एंड एचओडी नेफ्रोलॉजी व रीनल ट्रांसप्लांट) फोर्टिस हॉस्पिटल गुरुग्राम द्वार पुलिस जवानो को जागरुक किया गया। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक रवि खुंडिया मौजूद रहे। पुलिस हॉस्पिटल व फार्मासिस्ट हरेंद्र सिंह व टीम के सहयोग से कार्य्रकम आयोजित किया गया। डॉ. राहुल भार्गव ने पुलिस जवानो को हाई हीमोग्लोबिन बारे मे बताते हुये कहा कि आपके रक्त मे ऑक्सीजन ले जाने वाले प्रोटीन, हीमोग्लोबन की मात्रा सामान्य से ज्यादा होना है। इसमे खून गाढा होता है। जिससे रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है। हाई हीमोग्लोबिन के कारण किडनी व लीवर की बीमारिया, फेफडो की बीमारिया, रक्त विकार, हद्य समस्याए आदि होती है। हाई हीमोग्लोबिन के व्यक्ति मे लक्षण शुरु होते है सिरदर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखना, खुजली, रक्त के थक्के, सांस लेने मे तकलीफ होती है। हाई हीमोग्लोबिन को स्थिर रखने के लिये अपनी दिनचर्या व खानपान मे बदलाव करे। हाई हीमोग्लोबिन से पीडित व्यक्ति को प्रोटीन युक्त भोजन, फल व सब्जिया आदि आहार मे शामिल करे। नियमित रुप से व्यायाम करे। धुम्रपान व शराब का सेवन ना करे।
डॉ सलिल जैन ने किडनी की बीमारी के बारे मे बताया कि किडनी हमारे शरीर मे सबसे महत्वपूर्ण अंगो मे एक है। किडनी खराब होने का मुख्य कारण डायबिटिज व बल्ड प्रेशर है। हर व्यक्ति को एक साल या छह माह मे अपना शुगर, बीपी व यूरिन टेस्ट करवाना चहिये। उन्होने कहा कि कई मामले ऐसे सामने आ रहे है कि बीपी के कारण व्यक्ति की किडनी खराब हो जाती है और व्यक्ति को पता तक नही चलता। लो बीपी मे व्यक्ति को भी पता नही चलता। शराब का सेवन, पानी की कमी, दर्द निवारक दवाओ का ज्यादा सेवन करने से, जंक फूड आदि से भी किडनी धीरे-2 फेल हो जाती है। किडनी खराब होने के लक्षण व्यक्ति को भूख कम लगना, थकान या कमजोरी महसूस होना, पेशाब मे बदलाव, चेहरे या टखने पर सूजन, सांस लेने मे तकलीफ आदि शामिल है। व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिये ज्यादा पानी पीना चहिये। स्वस्थ आहार, बीपी व शुगर को कंट्रोल मे रखना चहिये। नियमित नींद लेनी चहिये।