विशेष संवाददाता चिमन लाल
डीसी और वीसी ने विजेताओं को पहनाए मेडल, प्रतिभागी खिलाडिय़ों की हौसलाफज़ाई
रोहतक,
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने स्पेशल ओलंपिक्स भारत के प्रतिभागी खिलाडिय़ों का आह्वान करते हुये कहा है कि वे अपने सपनों को सदैव जीवित रखें, भले ही रास्ता कितना ही कठिन क्यूं न हो। दृढ़ निश्चिय से हरेक मंजिल आपके कदमों में होगी। उपायुक्त महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में स्पेशल ओलंपिक्स भारत द्वारा आयोजित एथलेटिक्स नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि उपस्थित खिलाडिय़ों व खेल प्रेमियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें जीवन में आने वाली प्रत्येक कठिनाई को अवसर में बदलना सीखना होगा। दृढ़ निश्चिय में मेडल से भी अधिक ताकत होती है। उन्होंने कहा कि आगामी प्रतियोगिता में हम सबको और अधिक मजबूत होकर मैदान में आना होगा। ऐसी प्रतियोगिताओं को केवल मेडल जीतने तक सीमित न रखें, बल्कि इसे खेल को आगे बढ़ाने के दृष्टिकोण से जुटना होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं ज्यादा से ज्यादा आयोजित करवाई जायेगी ताकि देश के विभिन्न हिस्सों के खिलाड़ी इनमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि स्पेशल ओलंपिक्स जैसे आयोजन समाज में सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा को चरितार्थ करते हुए समान अवसर, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि इस प्रतियोगिता के आयोजन में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बेहतरीन मेहमान नवाजी का परिचय दिया है। इस प्रतियोगिता के आयोजन से विश्वविद्यालय का पूरा परिसर खेलमय बन गया था। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के सभी प्रतिभागी खिलाड़ी हमारे लिये विजेता है। इन सभी खिलाडिय़ों की प्रतिभागिता हम सबके लिए प्रेरणा भी है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में देशभर से आए विशेष खिलाडिय़ों ने उत्कृष्ट खेल भावना, अनुशासन और अदम्य जज्बे का परिचय देते हुए प्रतियोगिता को यादगार बना दिया। उन्होंने इस खेल प्रतियोगिता के समापन की औपचारिक घोषणा की। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय समावेशी शिक्षा और खेल संस्कृति को सशक्त करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्पेशल ओलंपिक्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होना गर्व का विषय है और यह दिव्यांग खिलाडिय़ों की प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही समाज को स्पेशल बच्चों बारे सेन्सिटाइज करने का कार्य इस इवेंट ने किया है, ऐसा कुलपति का कहना था। भारतीय पुनर्वास परिषद की पूर्व अध्यक्ष डॉ. शरणजीत कौर ने अपने संबोधन में कहा कि आज समाज में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और सम्मान की जरूरत है। उन्होंने समाज में दिव्यांजनों की पहचान करने और उनकी आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सहभागिता के लिए सुविधाएं और अवसर देने की बात पर बल दिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांजनों की काबिलियत पहचानने की जरूरत है।
इससे पूर्व एमडीयू इवेंट कोऑर्डिनेटर प्रो. राजकुमार ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए आयोजन में सहयोग देने वाले सभी संस्थानों, अधिकारियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। स्पेशल ओलंपिक्स भारत के महासचिव डॉ. डीजी चौधरी ने आभार जताया।कार्यक्रम का मंच संचालन प्रो. सोनू एवं डॉ. कुलदीप चौधरी द्वारा किया गया। समारोह में प्रॉक्टर प्रो. रणदीप राणा, चीफ वार्डन बॉयज प्रो. सुधीर कुमार, डायरेक्टर स्पोर्ट्स डॉ. शकुंतला बेनीवाल, शेफाली पन्नू, स्पेशल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी केशव मलिक, सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, स्पेशल ओलंपिक्स भारत के पदाधिकारी, खेल प्रशिक्षक, विद्यार्थी, प्रतिभागी टीमों के मैनेजर, कोच एवं खिलाड़ी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समापन अवसर पर विजेता एवं प्रतिभागी खिलाडिय़ों को सम्मानित किया गया। समारोह का अंत खेलों के माध्यम से समावेशी, सशक्त और संवेदनशील समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ। इस खेल प्रतियोगिता में 27 देशों के लगभग 600 खिलाडिय़ों ने भाग लिया।