प्रश्न 1: क्या हर खांसी टीबी होती है?
नहीं, हर खांसी टीबी नहीं होती। लेकिन यदि खांसी दो सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और जांच करानी जरूरी है।
प्रश्न 2: टीबी के मुख्य लक्षण क्या हैं?
टीबी के प्रमुख लक्षणों में लगातार खांसी, बलगम आना, बलगम में खून आना, छाती मे दर्द, सांस फूलना , शाम के समय बुखार, वजन कम होना और रात में पसीना आना शामिल हैं।
प्रश्न 3: लोग अक्सर जांच में देरी क्यों करते हैं?
अधिकांश लोग खांसी को सामान्य सर्दी-खांसी समझकर घरेलू इलाज करते रहते हैं, जिससे जांच में देरी होती है।
प्रश्न 4: क्या टीबी की जांच और इलाज महंगा होता है?
नहीं। सरकार द्वारा National TB Elimination Programme के तहत जांच और इलाज पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है। इसमें CBNAAT/Truenat, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
प्रश्न 5: “छूटे हुए मरीज” क्या होते हैं?
वे मरीज जो जांच नहीं कराते या स्वास्थ्य सेवाओं तक नहीं पहुंचते। शुरुआती अवस्था में कई लोग बिना लक्षण भी हो सकते हैं—जैसे टीबी मरीजों के संपर्क, डायबिटीज, HIV, डायलिसिस के मरीज, धूम्रपान करने वाले, नशा करने वाले, बुजुर्ग और स्वास्थ्य कर्मी। इनके लिए 100 दिवसीय सक्रिय स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है।
प्रश्न 6: समय पर जांच क्यों जरूरी है?
समय पर जांच और इलाज से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है और संक्रमण फैलने से रोका जा सकता है।
प्रश्न 7: आम जनता को क्या ध्यान रखना चाहिए?
लंबे समय तक खांसी होने पर तुरंत जांच कराएं और इलाज बीच में न छोड़ें।
प्रश्न 8: संक्रमण रोकने के लिए क्या करें?
टीबी मरीज मास्क पहनें और इधर-उधर न थूकें। घर पर बलगम को ढक्कन वाले बर्तन में इकट्ठा कर, पानी डालकर 15 मिनट उबालकर सुरक्षित रूप से निस्तारित करें।
निष्कर्ष:
समय पर पहचान, पूर्ण ईलाज और सही व्यवहार से ही टीबी मुक्त भारत संभव है।
डॉ. एस.के. अरोड़ा,
सीनियर चेस्ट विशेषज्ञ,कंसल्टेंट, पूर्व दिल्ली राज्य टी.बी. विभाग प्रमुख , दिल्ली सरकार
(डब्ल्यूएचओ द्वारा सम्मानित)