निवासियों के लिए राहत भरी सूचना
गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम स्थित अहिंसा खंड–1 की शिप्रा कृष्णा विस्ता सोसायटी में खराब एवं दूषित पानी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए संबंधित विभागों एवं जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
आयोग द्वारा जिलाधिकारी गाज़ियाबाद एवं पुलिस कमिश्नर महोदय को सीधे निर्देश दिए गए हैं कि एक सप्ताह के भीतर सोसायटी के पानी की गहन जांच कराई जाए तथा जल स्रोत के नमूनों की नियमानुसार परीक्षण प्रक्रिया पूर्ण कर रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराई जाए।
ज्ञात हो कि अप्रैल 2026 में शिप्रा कृष्णा विस्ता सोसायटी में बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत खराब होने की खबर सामने आई थी। कई परिवारों के अनुसार बच्चों में बुखार, उल्टी-दस्त एवं पेट दर्द जैसे लक्षण लगातार देखे गए थे। प्रशासन द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में पानी के चार नमूने फेल पाए गए थे।
सोसायटी निवासी संजय सक्सेना ने बताया कि पानी की जांच रिपोर्ट को लेकर जलकल विभाग से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि पानी की गुणवत्ता की निष्पक्ष एवं प्रमाणिक जांच रिपोर्ट निवासियों को प्राप्त हो सके।
रिपोर्ट सामने आने के बाद सोसायटी की RWA सक्रिय हुई और अंडरग्राउंड टैंक सहित सभी 11 टावरों की पानी की टंकियों की सफाई कराई गई। हालांकि टंकी सफाई के बाद भी प्रशासन की ओर से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न किया जाना पारदर्शिता एवं सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।
सोसायटी निवासियों को आशा है कि आयोग के इस हस्तक्षेप एवं आदेश के बाद पानी की गुणवत्ता को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी तथा निवासियों को प्रमाणिक, सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।