रोहिणी पुलिस की बड़ी कामयाबी: अंतरराष्ट्रीय मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़, 10 गिरफ्तार, 325 हाई-एंड मोबाइल फोन बरामद, कीमत करीब 1 करोड़ रुपये

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता

रोहिणी जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने तकनीक के सहारे चल रहे एक अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय मोबाइल चोर सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर 325 हाई-एंड चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये है।

कैसे हुआ खुलासा
रोहिणी जिले में मोबाइल चोरी, घरों में चोरी और झपटमारी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। जांच में सामने आया कि चोरी के अधिकांश मोबाइल भारतीय टेलीकॉम नेटवर्क पर दोबारा इस्तेमाल नहीं हो रहे थे। इससे आशंका हुई कि एक संगठित गिरोह इन्हें दिल्ली से बाहर और अंतरराष्ट्रीय सीमा पार भेज रहा है।

विशेष पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था जोन-1 देवेश श्रीवास्तव, आईपीएस के मार्गदर्शन और संयुक्त पुलिस आयुक्त उत्तरी रेंज विजय सिंह, आईपीएस की देखरेख में यह ऑपरेशन चलाया गया। डीसीपी रोहिणी शशांक जायसवाल, आईपीएस के निर्देशन और एडिशनल डीसीपी सतीश कुमार, आईपीएस की निगरानी में स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप गोदारा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम में एसआई करमबीर, एसआई सुशील, एसआई रूपेश, एएसआई सुरेश, हेडकांस्टेबल आकाश, हेडकांस्टेबल नवीन, डब्ल्यू/HC अनीता, कांस्टेबल आर्यमन, प्रवीण और जोगेंद्र शामिल थे।

200 डोजियर खंगाले, तकनीक से तोड़ा नेटवर्क
टीम ने रोहिणी जिले में दर्ज मोबाइल चोरी के मामलों की गहन समीक्षा की। 200 आपराधिक डोजियर खंगाले गए और सैकड़ों आदतन चोर, झपटमार व रिसीवरों की प्रोफाइलिंग की गई। क्राइम-पैटर्न मैपिंग, डिजिटल डिवाइस की जांच, कूरियर ट्रेल की पुनर्रचना, लगातार निगरानी और ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ी जोड़ी गई।

जांच में पता चला कि अवंतिका, रोहिणी में एक किराए का फ्लैट गोदाम के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था। यहां चोरी के मोबाइल रिसीव, छांटे, पैक और डिस्पैच किए जाते थे।

19 जून से शुरू हुआ ऑपरेशन, कूरियर रसीद बनी अहम कड़ी
19 जून 2026 को राजा @ राजू, करन और गोविंद की गिरफ्तारी के साथ ऑपरेशन शुरू हुआ। इनसे 101 मोबाइल बरामद हुए। गोविंद की तलाशी में एक कूरियर रसीद मिली, जिससे पता चला कि करीब 200 चोरी के मोबाइल पहले ही कोलकाता भेजे जा चुके हैं। यही रसीद केस का टर्निंग पॉइंट बनी।

पूछताछ में अजय कुमार और अली खान के नाम सामने आए। ये आरोपी मोबाइल स्टोर, पैक कर कूरियर से कोलकाता, मालदा और मुर्शिदाबाद भेजते थे। मालदा-मुर्शिदाबाद बांग्लादेश सीमा के पास होने के कारण यहां से मोबाइल आगे भेजे जाते थे। 23 जून को अजय और अली को पकड़ा गया और 100 और फोन मिले।

बांग्लादेश तक जुड़े तार
अजय और गोविंद के मोबाइल की डिजिटल जांच में बांग्लादेश के संदिग्ध रिसीवर मो. शाइदुल इस्लाम से लगातार गुप्त बातचीत के सबूत मिले। इसके बाद ऋषिकेश कुमार @ डब्लू, संजीव कुमार और सनी कुमार @ राहुल को पकड़ा गया और 124 और मोबाइल बरामद हुए। इस तरह कुल 325 मोबाइल बरामद हुए।

जांच में दो कूरियर कंपनी ऑपरेटर/मैनेजर की भूमिका भी सामने आई, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अब तक कुल 10 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

1 साल में 10-12 हजार मोबाइल पार
पुलिस के अनुसार यह सिंडिकेट करीब एक साल से सक्रिय था। इस दौरान अनुमानित 10,000 से 12,000 चोरी के मोबाइल बांग्लादेश और नेपाल भेजे गए। इनका गिरोह के सदस्य पेशेवर चोर और झपटमार दिल्ली में मोबाइल चुराते थे। लोकल रिसीवर फोन इकट्ठा कर मुख्य हैंडलर गोविंद और अजय को देते थे। फिर रोहिणी के किराए के फ्लैट में मोबाइल छांटे-पैक होते थे। उसके बाद कूरियर से कोलकाता, मालदा, मुर्शिदाबाद भेजे जाते थे। आखिर में मालदा-मुर्शिदाबाद से बांग्लादेश में मो. शाइदुल इस्लाम तक पहुंचाए जाते थे। दूसरा रूट यूपी बॉर्डर से नेपाल का था।

पीड़ितों को मिलेगी राहत
बरामद 325 मोबाइल दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से चोरी हुए थे। अब तक करीब 150 मोबाइल झपटमारी, लूट, चोरी और सेंधमारी के दर्ज मामलों से लिंक हो चुके हैं। बाकी फोनों की जांच जारी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को लौटाए जाएंगे।

संगठित अपराध की गंभीरता को देखते हुए मामले में संगठित अपराध की धाराएं जोड़ी गई हैं। पुलिस अन्य सदस्यों, पुरानी खेपों और सीमा पार हैंडलरों की तलाश कर रही है।

दिल्ली में रोहिणी जिला पुलिस द्वारा हाल के समय में चोरी के मोबाइल की सबसे बड़ी बरामदगी है। 200 आपराधिक डोजियर की जांच कर सैकड़ों संदिग्धों की प्रोफाइलिंग की गई। अवंतिका रोहिणी के किराए के फ्लैट को गोदाम बनाकर इस्तेमाल किया जा रहा था। दिल्ली से कोलकाता, मालदा, मुर्शिदाबाद होते हुए बांग्लादेश तक नेटवर्क फैला था। नेपाल के लिए अलग रूट का भी खुलासा हुआ। आगे जांच जारी है।

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