नई दिल्ली। बाहरी जिला पुलिस ने महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान चलाया है। जिले की शिष्टाचार स्क्वाड ने पिछले 15 दिनों में व्यापक जनसंपर्क और सघन गश्त अभियान चलाकर पुलिसिंग को आम जनता के और करीब पहुंचाया है।
इस अभियान के तहत सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों पर जाकर नागरिकों को सुरक्षा, सतर्कता और समय पर पुलिस सहायता लेने के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के तहत 70 से अधिक बस स्टॉप्स पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई और यात्रियों से सीधा संवाद किया गया। 70 से अधिक बसों में जाकर यात्रियों को महिला सुरक्षा, सुरक्षित यात्रा और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने के लिए जागरूक किया गया। 7 स्कूलों में छात्राओं को व्यक्तिगत सुरक्षा और समय पर सहायता मांगने को लेकर संवेदनशील बनाया गया। 10 पार्कों में महिलाओं, बच्चों और अन्य लोगों की सुरक्षा पर विशेष फोकस रहा। लगभग 10,000 महिलाओं, बच्चों और नागरिकों को सीधे संवाद कर जागरूक किया गया।
शिष्टाचार स्क्वाड ने मित्रवत और सहज व्यवहार अपनाते हुए महिलाओं और युवतियों को अपनी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को खुलकर बताने के लिए प्रोत्साहित किया। नागरिकों को महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 और आपातकालीन हेल्पलाइन 112 के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस दौरान पैदल गश्त, निवारक चेकिंग और संवेदनशील स्थानों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों व यात्री हब पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई।
निवारक कार्रवाई के तहत पिछले 15 दिनों में छेड़छाड़ विरोधी और चेकिंग अभियान के दौरान धारा 65 डीपी एक्ट के तहत कुल 105 लोगों को हिरासत में लिया गया।
बसों से लेकर बस स्टॉप, स्कूलों से लेकर पार्कों तक, शिष्टाचार स्क्वाड ने पुलिस को जनता के लिए अधिक दृश्यमान और सुलभ बनाया है, जिससे नागरिकों में जागरूकता, सतर्कता और विश्वास बढ़ा है। बाहरी जिला पुलिस निरंतर जनसंपर्क, निवारक पुलिसिंग और सार्थक सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।