जानिए जरूरी सवाल जवाब
प्रश्न 1. क्या शराब पीने से टीबी होती है?
उत्तर: शराब सीधे टीबी का कारण नहीं है। टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु से होती है। हालांकि, अत्यधिक या हानिकारक शराब का सेवन टीबी होने के जोखिम को बढ़ा सकता है और इसकी रोकथाम एवं उपचार को कठिन बना सकता है।
प्रश्न 2. शराब पीने से टीबी होने का खतरा कैसे बढ़ता है?
उत्तर: अत्यधिक शराब का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसके साथ कुपोषण, लिवर की बीमारी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इन कारणों से टीबी संक्रमण के सक्रिय बीमारी में बदलने का जोखिम बढ़ सकता है।
प्रश्न 3. क्या शराब पीने से टीबी के इलाज पर असर पड़ता है?
उत्तर: हां। हानिकारक शराब सेवन के कारण दवाएं नियमित न लेना, इलाज बीच में छोड़ देना और पोषण की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह उपचार की असफलता और मृत्यु सहित प्रतिकूल परिणामों के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा है।
प्रश्न 4. क्या टीबी की दवाओं के साथ शराब पीना खतरनाक है?
उत्तर: हां, इससे विशेष चिंता होती है। टीबी की कुछ दवाएं, विशेषकर आइसोनियाजिड, रिफैम्पिसिन और पाइराजिनामाइड, लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। शराब, खासकर अधिक मात्रा में, लिवर संबंधी जोखिम बढ़ा सकती है। पहले से लिवर की बीमारी होने पर खतरा और गंभीर हो सकता है।
प्रश्न 5. क्या टीबी के मरीज को इलाज के दौरान शराब पूरी तरह छोड़ देनी चाहिए?
उत्तर: हाँ I टीबी के इलाज के दौरान शराब से पूरी तरह दूर रहना सबसे सुरक्षित सलाह है, विशेषकर लिवर को नुकसान पहुंचने के जोखिम के कारण। मरीज को अपने शराब सेवन के बारे में डॉक्टर को खुलकर बताना चाहिए, ताकि उचित उपचार और निगरानी की जा सके।
प्रश्न 6. क्या शराब का सेवन टीबी के मरीज के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है?
उत्तर: हां। हानिकारक शराब सेवन से चिंता, अवसाद, नींद की समस्याएं और सामाजिक कठिनाइयां बढ़ सकती हैं। दूसरी ओर, लंबे इलाज, आर्थिक परेशानियों और सामाजिक भेदभाव के डर के कारण टीबी के मरीज भी मानसिक तनाव का सामना कर सकते हैं। इसलिए शारीरिक उपचार के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है।
प्रश्न 7. यदि कोई मरीज शराब छोड़ नहीं पा रहा है, तो उसे क्या करना चाहिए?
उत्तर: उसे बिना शर्म या डर के डॉक्टर से मदद लेनी चाहिए। शराब की निर्भरता के उपचार के लिए चिकित्सकीय सहायता की जरूरत पड़ सकती है। जो लोग रोजाना बहुत अधिक शराब पीते हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह और निगरानी के बिना अचानक शराब बंद नहीं करनी चाहिए, क्योंकि शराब छोड़ने पर होने वाले गंभीर लक्षण खतरनाक हो सकते हैं।
प्रश्न 8. टीबी के इलाज के दौरान किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
उत्तर: आंखों या त्वचा का पीला पड़ना, पेशाब का गहरा रंग, लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द या भूख में बहुत कमी लिवर को नुकसान पहुंचने के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों में तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। भ्रम की स्थिति, दौरे या शराब छोड़ने के गंभीर लक्षण होने पर आपातकालीन चिकित्सा सहायता आवश्यक है।
डॉ. एस. के. अरोड़ा का संदेश :
डॉ. एस. के. अरोड़ा के अनुसार, टीबी का इलाज संभव है। शराब की हानिकारक आदत को भी मरीज की समग्र देखभाल का हिस्सा मानकर संबोधित करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय सहायता लें, डॉक्टर की सलाह का पालन करें और अपनी मर्जी से टीबी की दवाएं बंद न करें।
टीबी का पूरा इलाज कराएं। इलाज के दौरान शराब से दूर रहें। स्वस्थ होने की प्रक्रिया में मरीज का साथ दें।
End Tobacco → End TB → Save Lives
डॉ. एस.के. अरोड़ा
सीनियर चेस्ट विशेषज्ञ,कंसल्टेंट,
पूर्व दिल्ली स्टेट टीबी हेड, दिल्ली सरकार (डब्ल्यूएचओ द्वारा सम्मानित)
TB Expert | Tobacco Control Advocate | Public Health (India).