नई दिल्ली, 23 जुलाई।
CJP प्रदर्शनों को कुचलने के लिए दिल्ली के पुलिस आयुक्त को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत की शक्तियां दी गई हैं, मीडिया के एक वर्ग में चल रही ऐसी खबरों पर दिल्ली पुलिस ने आज कड़ा खंडन किया है।
दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन, आईपीएस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस तरह की रिपोर्ट गलत और भ्रामक हैं।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पुलिस आयुक्त, दिल्ली को NSA के तहत शक्तियां सौंपने का आदेश एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है। स्थापित परंपरा के तहत यह आदेश हर तीन महीने में नवीनीकृत किया जाता है।
विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान आदेश 19.07.2026 से 18.10.2026 की अवधि के लिए जारी किया गया है। यह नवीनीकरण CJP विरोध प्रदर्शन शुरू होने से काफी पहले ही जारी कर दिया गया था और इसका मौजूदा स्थिति से कोई लेना देना नहीं है। अधिसूचना के अनुसार पुलिस आयुक्त को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की धारा 3(2) के तहत निवारक हिरासत की शक्तियां 18 अक्टूबर तक के लिए दी गई हैं।
पुलिस ने यह भी साफ किया है कि चल रहे प्रदर्शनों के संदर्भ में इन शक्तियों को देने या नवीनीकृत करने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से कोई विशेष प्रस्ताव या अनुरोध नहीं किया गया था। यह आदेश नियमित त्रैमासिक नवीनीकरण प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे किसी विशेष घटना से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह कहना कि शक्तियों का यह प्रत्यायोजन विशेष रूप से CJP विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए किया गया है, तथ्यात्मक रूप से गलत है और बिना उचित सत्यापन के प्रकाशित किया गया है।