उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में एक अवैध तमंचा निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। आरोपी साबिर को गिरफ्तार किया गया है, जो पंचायत चुनाव में हथियार बेचने के लिए तमंचे बना रहा था। पुलिस ने मौके से कई तमंचे और निर्माण उपकरण बरामद किए हैं।
बुढ़ाना कोतवाली की पुलिस ने ईख के खेत में तमंचा बनाने वाले आरोपी साबिर को पकड़ा। वह मेरठ के सरधना क्षेत्र के पिठलोकर गांव का निवासी है। पुलिस ने बताया कि साबिर ने पहले भी बड़ौत पुलिस कस्टडी से भागने का प्रयास किया था।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि मुखबिर की सूचना पर बुढ़ाना पुलिस ने आरोपी को क्राउन पब्लिक स्कूल के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी ने गन्ने के खेत में अस्थायी निवास बनाकर अपने साथी के साथ मिलकर तमंचे बनाए। पंचायत चुनाव के दौरान उसकी मांग बढ़ गई थी। पुलिस ने मौके से छह बंदूकें, तीन पौनिया, तीन तमंचे और चौदह अधबने तमंचे बरामद किए।
साबिर ने बताया कि उसका एक अंतरराज्यीय गैंग है, जो बागपत, फरीदाबाद, सहारनपुर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, दिल्ली, उत्तराखंड और हरियाणा में तमंचे बेचता है। एसएसपी ने कहा कि आरोपी के खिलाफ विभिन्न जनपदों में दस मामले दर्ज हैं। वह पहले भी पांच बार तमंचा फैक्ट्री पकड़े जाने पर जेल जा चुका है। 2019 में वह बड़ौत में पुलिस कस्टडी से भाग गया था।
वह एक तमंचा पांच से पचास हजार रुपये में बेचता है और जेल से आने के बाद से लगभग तीस तमंचे बेच चुका है। पंचायत चुनाव के लिए उसकी मांग थी। कुछ अन्य सहयोगियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है। यह गिरोह अपने धंधे को जगह-जगह बदलकर करता था। आरोपी का चालान कर दिया गया है। इस दौरान देहात आदित्य बंसल और महादिक अक्षय संजय भी मौजूद थे।