एलपीजी सिलेंडर की कमी से जूझ रहे होटल कारोबारियों के संगठन ने मंगलवार को कहा कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो देश भर में खासकर मुंबई, बेंगलुरु और पुणे जैसे शहरों के कई होटल और रेस्तरां अगले दो दिन में अपना कामकाज बंद करने को मजबूर हो सकते हैं। संगठन ने मामले के समाधान के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है।
नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के अध्यक्ष सागर दरयानी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि रेस्तरां खाने की सीमित सुविधा रखने या अलग-अलग समय पर खुलने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
दरयानी ने कहा, ”फिलहाल लोगों के पास एलपीजी सिलेंडर का एक से दो दिन का स्टॉक है। अगर एक-दो दिन में आपूर्ति नहीं हुई तो इन रेस्तरां को बंद करना पड़ेगा। यह स्थिति मुख्य रूप से बेंगलुरु, पुणे, मुंबई जैसे शहरों में है।”
उन्होंने कहा, ”अगर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए गए तो अंततः इससे बड़े पैमाने पर नौकरियां जाएंगी, कई रेस्तरां शायद हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे, क्योंकि उनके पास नुकसान झेलने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं है।”
एनआरएआई ने मंगलवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लिखे पत्र में कहा कि वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति में व्यवधान के कारण रेस्तरां उद्योग को संचालन जारी रखने में कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से रेस्तरां उद्योग के लिए वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को आवश्यक सेवा मानते हुए चीजें स्पष्ट करने का आग्रह किया।
एनआरएआई ने सदस्य रेस्तरांओं को एक सलाह जारी कर खान-पान सूची में बदलाव करने और एलपीजी संरक्षण के उपाय अपनाने को कहा है।
दरयानी ने कहा, ”हमने कल (सोमवार) पाया कि कई जगहों पर, खासकर बेंगलुरु और पुणे में, एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी बहुत हो रही है और इनकी कीमतें भी डेढ़ गुना बढ़ गई हैं। हालांकि, हमारी चिंता रेस्तरां के लिए एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर है। सरकार से हमारा अनुरोध है कि रेस्तरां और होटल के लिए एलपीजी सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।”
उन्होंने बताया कि 85 प्रतिशत रेस्तरां खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं।
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) के उपाध्यक्ष प्रदीप शेट्टी ने कहा कि पुणे, औरंगाबाद, नागपुर, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से एलपीजी आपूर्ति में व्यवधान की रिपोर्ट आ रही है।
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच, सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव किया है। इसके तहत एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को अन्य सभी क्षेत्रों पर प्राथमिकता दी जाएगी।
संगठन का कहना है कि इससे बाजार मूल्य पर वाणिज्यिक एलपीजी का उपयोग करने वाले होटल और रेस्तरां के लिए आपूर्ति में भारी कमी हो गई है।
होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन (पश्चिमी भारत) के प्रवक्ता शेट्टी ने कहा कि बीते एक सप्ताह में वाणिज्यिक एलपीजी की बेहद गंभीर किल्लत हो गई है और सोमवार से कई क्षेत्रों में आपूर्ति लगभग पूरी तरह ठप हो गई है।
उन्होंने कहा, ”हमें मुंबई, पुणे, औरंगाबाद और नागपुर जैसे शहरों से भी गंभीर किल्लत की खबरें मिल रही हैं। दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भी इसी तरह की समस्याएं हैं। अगर अगले दो दिन के भीतर स्थिति नहीं सुधरती है तो मुंबई में लगभग 50 प्रतिशत होटल एवं रेस्तरां को अपने पास उपलब्ध गैस सिलेंडर के मौजूदा भंडार के आधार पर अस्थायी रूप से संचालन बंद करने को मजबूर होना पड़ सकता है।”
शेट्टी ने कहा इस स्थिति में अंतरराष्ट्रीय पर्यटक खास तौर पर प्रभावित होंगे। छोटे और मध्यम आकार के भोजनालय सबसे पहले प्रभावित होंगे, क्योंकि वे आमतौर पर सीमित भंडार के साथ काम करते हैं।
हालांकि, उन्होंने कहा कि खाना पकाने के लिए इलेक्ट्रिक चूल्हे का विकल्प मौजूद है, लेकिन ये अब भी अधिकांश व्यावसायिक रसोई के लिए व्यावहारिक नहीं हैं।
शेट्टी ने कहा, ”इस तरह के बदलाव के लिए महत्वपूर्ण लागत और बुनियादी ढांचे में बदलाव की भी जरूरत है। फिलहाल उद्योग के पास कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं है और होटल, रेस्तरां और खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए सुचारू वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति की तत्काल बहाली की जरूरत है।”
सौ भाषा रमण अजय