विशेष संवाददाता चिमन लाल
चिन्हित अपराधों की कड़ी निगरानी हो, न्याय में न हो देरी: डीसी
झज्जर,
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि चिन्हित अपराधों की गहनता से जांच और प्रभावी पैरवी ही अपराधियों को सजा दिलाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने शुक्रवार को चिन्हित अपराध योजना की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। बैठक में डीसीपी (मुख्यालय) जसलीन कौर भी मौजूद रही। डीसी ने कहा कि कई बार मामूली तकनीकी खामियों और अधूरी साक्ष्य श्रृंखला के कारण गंभीर अपराधों में भी आरोपी बच निकलते हैं। इसलिए प्रारंभिक स्तर से ही केस फाइल मजबूत की जाए और अभियोजन पक्ष हर सुनवाई में सशक्त पैरवी सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि जांच रिपोर्ट निर्धारित समयसीमा में प्रस्तुत हो और गवाहों की सुरक्षा व उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में पुलिस विभाग की ओर से चिन्हित अपराधों से जुड़े ताज़ा मामलों की स्थिति प्रस्तुत की गई। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए न केवल अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है बल्कि जांच और पैरवी की प्रक्रिया में पारदर्शिता व जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए।