विशेष संवाददाता चिमन लाल
112 सैंपलों में से 32 सैंपल प्रयोगशाला में पाये गये तय गुणवत्ता से कम, 11 सैंपलों पर न्यायालय ने लगाया जुर्माना
जिला में पर्याप्त एलपीजी गैस उपलब्ध, कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही
रोहतक,
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को निर्धारित गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत जिला में वर्ष 2025-26 के दौरान खाद्य पदार्थों के 112 सैंपल एकत्रित कर प्रयोगशाला में जांच करवाई गई। जांच के दौरान तय गुणवत्ता से कम पाये गए 32 सैंपल में से 11 संस्थानों पर न्यायालय द्वारा 5 लाख 95 हजार रुपये का जुर्माना किया गया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि वे नियमित अंतराल पर खाद्य पदार्थ उद्यमियों /संस्थानों से सैंपल लेकर जांच करवाये। डीसी स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियमों 2011 के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस समिति में अतिरिक्त उपायुक्त सह अध्यक्ष, सिविल सर्जन, पुलिस अधीक्षक, कृषि उप निदेशक, खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक, डीआईसी महाप्रबंधक, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी समिति के सदस्य व खाद्य सुरक्षा विभाग के नामित अधिकारी इस समिति के सदस्य सचिव है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य सुरक्षा की निगरानी के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण अर्थात एफएसएसएआई की स्थापना की गई है। यह खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विज्ञान आधारित नियम तैयार करता है। खाद्य व्यवसायों के लिए एफएसएसएआई लाइसेंस / पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। भारत में खाद्य पदार्थों के लिए वैज्ञानिक मानक निर्धारित करने, उनके निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात को विनियमित करने का खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 मुख्य कानून है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि वे नागरिकों को निर्धारित गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए नियमित अंतराल पर खाद्य पदार्थों /उत्पादों के सैंपल एकत्रित करें। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों के उद्यमियों व संस्थानों के संचालकों को अधिनियम के बारे में जागरूक करने के लिए बैठक आयोजित की जाये। उन्होंने कहा कि बाजार में विशेष रूप से खुले में बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों / उत्पादों, दुग्ध/डेयरी उत्पादों के सैंपल लेने की गति को बढ़ाया जाये।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कृषि उपनिदेशक को निर्देश देते हुए कहा कि वे कृषि विज्ञान केंद्र के साथ मिलकर यह प्रयास करें कि फसलों में वैज्ञानिक सिफारिश से ज्यादा रासायनिक खाद व कीटनाशक प्रयोग न किये जाये ताकि खाद्यान सुरक्षित रहे। उन्होंने जिला उद्योग केंद्र की उप निदेशक को निर्देश दिये कि वे जिला में स्थित खाद्य पदार्थ उद्यमियों की सूची उपलब्ध करवाये ताकि उन्हें खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की हिदायतों बारे जागरूक किया जा सके। उन्होंने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से कहा कि वे मिड-डे-मील योजना का अधिनियम के तहत पंजीकरण करवाकर लाइसेंस प्राप्त करें। उन्होंने खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रक कार्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे जिला में घरेलू गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये। उन्होंने विभाग के माध्यम से कहा कि जिला में घरेलू गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि घरेलू गैस की कालाबाजारी करने वालों की निगरानी की जाये। यदि इस संदर्भ में किसी गैस एजेंसी के खिलाफ कोई शिकायत प्राप्त होती है तो तुरंत कार्यवाही करें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक रवि खुंडिया, सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेंद्र मलिक, उद्योग केंद्र उप निदेशक क्षितीज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दिलजीत सिंह, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. योगेश कादयान, उप जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपिका सैनी, एएफएसओ कुसुम लता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।