जिला में कृषि भूमि से जल निकासी का कार्य युद्घ स्तर पर जारी- उपायुक्त सचिन गुप्ता

विशेष संवाददाता चिमन लाल

जल निकासी के लिए लगाए गए 395 पम्प सेट

जिला में पशु चारे की उपलब्धता के लिए समिति गठित

रोहतक,

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा जिला में गत दिनों हुई बारिश से कृषि भूमि में हुए जल भराव की निकासी का कार्य युद्घ स्तर पर जारी है। कृषि भूमि से जल निकासी के लिए 395 पम्प सेट लगाए गए हैं। जिला के सभी 147 गांवों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया गया है। प्रभावित किसान 15 सितम्बर 2025 तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर खराब हुई फसलों का विवरण दर्ज करवाएं ताकि उन्हें सरकार द्वारा मुआवजा दिया जा सके। उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों के माध्यम से तीनों उपमंडलों के गांवों कीे कृषि भूमि से जल निकासी के लिए 395 पम्प सेट लगाए गए हैं, जो 24 घंटे संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा अतिरिक्त पम्प सेट के प्रबंध भी किए गए हैं ताकि आवश्यकतानुसार इनका प्रयोग किया जा सके। सिंचाई विभाग व अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैै कि वे अतिरिक्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें तथा विशेष योजना तैयार करें।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा है कि जल निकासी के कार्य को सुचारू ढंग से जारी रखने के दृष्टिगत जिला के तीनों उपमंडलाधीशों को डयूटी मैजिस्टे्रट नियुक्त किया गया है तथा 15 दिन के लिए इन उपमंडलाधीशों को आवश्यकतानुसार डयूटी मैजिस्टे्रट नियुक्त करने की शक्तियां भी दी गई है। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि से जल निकासी की निगरानी के लिए ग्राम सचिवों एवं पटवारियों को गांवों में तैनात किया गया है। राजस्व विभाग के अधिकारी भी निरंतर फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा जिला में पशुओं के चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी उपनिदेशक तथा कृषि उपनिदेशक को शामिल किया गया है। यह समिति नियमित रूप से जिला में पशुओं के चारे की समीक्षा करेगी तथा किसी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत निर्णय लेकर उसका समाधान करेगी।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि वे स्वयं भी प्रतिदिन जल भराव से संंबंधित गांवों में पहुंचकर मौके पर जल निकासी का जायजा ले रहे हैं। संंबंधित गांवों के लोगों सेे भी जिला प्रशासन का जल निकासी के कार्य में पूर्ण सहयोग करने का आह्वान किया जा रहा है ताकि जल्दी से जल्दी कृषि भूमि से जल निकासी का कार्य पूर्ण किया जा सके। संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए है कि वे निरंतर फील्ड में रहें तथा जिला से गुजरने वाली सभी ड्रेनों के जलस्तर एवं तटबंधों की निगरानी रखें। बिजली विभाग के अधिकारियों को भी जल निकासी के सभी बिन्दुओं पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।

जिला में 24 घंटे बाढ़ नियंत्रण कक्ष किए जा रहे संचालित

    डीसी सचिन गुप्ता ने कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा जिला में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जो सातों दिन 24 घंटे क्रियाशील है। स्थानीय लघु सचिवालय स्थित जिला राजस्व अधिकारी के कार्यालय के कमरा नम्बर-102 में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष 01262-230401, उपमंडलाधीश रोहतक कार्यालय में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर 01262-244151 है। महम उपमंडल स्तर पर बाढ़ बचाव नियंत्रण कक्ष महम स्थित लघु सचिवालय के कमरा नम्बर-6 में स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नम्बर-01257-233148 व सांपला उपमंडल स्तर पर एसडीएम कार्यालय के कमरा नम्बर-3 में बाढ़ बचाव नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष 01262-263046 है। कोई भी व्यक्ति बाढ़ नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क कर आवश्यक जानकारी ले सकता है।

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