जानिए जरूरी सवाल-जवाब
प्रश्न 1: टीबी नियंत्रण में तंबाकू क्यों महत्वपूर्ण है?
तंबाकू टीबी का खतरा बढ़ाता है और इलाज के परिणामों को खराब करता है। अब इसे टीबी महामारी का एक महत्वपूर्ण कारण माना जाता है।
प्रश्न 2: यह समस्या वैश्विक स्तर पर कितनी बड़ी है?
अनुमान है कि दुनिया के लगभग 20% टीबी मामलों का संबंध तंबाकू से है। तंबाकू सेवन करने वालों में टीबी का खतरा 2–3 गुना अधिक होता है।
प्रश्न 3: भारत के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत में दुनिया के सबसे अधिक टीबी मरीज हैं, तंबाकू सेवन करने वालों की संख्या भी बहुत अधिक है
इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव पड़ता है।
प्रश्न 4: तंबाकू टीबी इलाज को कैसे प्रभावित करता है?
तंबाकू टीबी ठीक होने में देरी करता है, इलाज असफल कर सकता है,बीमारी दोबारा बढ़ा सकता है, MDR टीबी का खतरा बढ़ जाता है, मृत्यु का खतरा बढ़ाता है ।
प्रश्न 5: क्या बिना धुएं वाला तंबाकू भी हानिकारक है?
हाँ। यह प्रतिरोधक क्षमता और स्वास्थ्य को प्रभावित करता है तथा अप्रत्यक्ष रूप से टीबी परिणामों को खराब कर सकता है।
प्रश्न 6: क्या टीबी मरीजों की नियमित रूप से तंबाकू जांच होती है?
सभी जगह नहीं हो पा रही है। यह स्वास्थ्य व्यवस्था में एक बड़ी कमी है।
प्रश्न 7: क्या किया जाना चाहिए?
टीबी और तंबाकू सेवाओं का एकीकरण , नियमित तंबाकू स्क्रीनिंग और टीबी केन्द्रों पर तंबाकू छोड़ने की सलाह और उपचार
प्रश्न 8: मुख्य संदेश क्या है?
मजबूत तंबाकू नियंत्रण के बिना टीबी उन्मूलन संभव नहीं है।
निष्कर्ष
डॉ. एस.के. अरोड़ा के अनुसार भारत में दुनिया का सबसे अधिक टीबी (तपेदिक) का बोझ है।भारत विश्व स्तर पर तंबाकू का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है।
टीबी और तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रमों को साथ लेकर चलना जरूरी है। यही टीबी मुक्त भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा ।नैशनल टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-2356 पर कॉल करने से तंबाकू छोड़ने में मदद ली जा सकती है ।*
डॉ. एस.के. अरोड़ा
सीनियर चेस्ट विशेषज्ञ,कंसल्टेंट,
पूर्व दिल्ली स्टेट टीबी हेड, दिल्ली सरकार (डब्ल्यूएचओ द्वारा सम्मानित)
TB Expert | Tobacco Control Advocate | Public Health (India)