डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में नए मानक स्थापित कर रहा रोहतक : उपायुक्त सचिन गुप्ता

विशेष संवाददाता चिमन लाल

हरेक नागरिक की आभा आईडी बनाने तथा गर्भवती महिलाओं व बच्चों का 100 फीसदी टीकाकरण के निर्देश

रोहतक,

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि रोहतक जिला निवारक एवं डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में नए मानक स्थापित कर रहा है। ई-स्वास्थ्य रोहतक से लेकर निरोगी रोहतक तक हर पहल हमारे स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है। हम उपचार से स्वास्थ्य आश्वासन की ओर बढ़ रहे हैं, जहां हर नागरिक को गरिमा और जवाबदेही के साथ स्वास्थ्य सेवा मिलेगी। सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ विभाग की योजनाओं व कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं आयुष्मान भारत के तहत लागू की जा रही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं व नवाचार अभियानों की प्रगति का विस्तारपूर्वक मूल्यांकन किया गया। उन्होंने परिणाम-आधारित दृष्टिकोण पर बल देते हुए कहा कि सभी विभागों के समन्वय से हर कार्यक्रम में ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जाएं। प्रत्येक माह 360 डिग्री हेल्थ रिव्यू आयोजित कर सभी स्वास्थ्य संकेतकों की निगरानी की जाएगी। विभाग द्वारा जिला मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 8295474838 शुरू की गई है, जिस पर कोई भी नागरिक सुबह 9 बजे से दोपहर बाद 3 बजे तक टीम से संपर्क कर सकता है तथा संपर्क करने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के 360 डिग्री सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। विभाग द्वारा 10 फ्लैगशिप कार्यक्रम शुरू किए गए है। इन कार्यक्रमों में ई-स्वास्थ्य रोहतक – हर नागरिक के लिए डिजिटल स्वास्थ्य के तहत एबीएचए (हेल्थ आईडी) कवरेज जिले की 68 प्रतिशत आबादी तक पहुंच गई है। पीएचसी स्तर के टेली-मेडिसिन सेंटर अब पीजीआईएमएस रोहतक से विशेषज्ञ परामर्श के लिए जुड़े हैं। डीसी ने निर्देश दिए कि जनवरी 2026 तक 100 प्रतिशत आभा लिंकिंग तथा दिसंबर 2025 तक सभी ब्लॉकों में डिजिटल डैशबोर्ड चालू किए जाएं। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि शुरू किए गए कार्यक्रम मां शक्ति मिशन – मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के तहत एएनसी पंजीकरण एवं उच्च जोखिम गर्भधारण प्रबंधन के लिए आशा डैशबोर्ड प्रणाली लागू की गई है। जेएसएसके के तहत सभी पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को मातृत्व देखभाल किट प्रदान की जा रही है। उन्होंने प्रत्येक खंड में साप्ताहिक (एचआरपी) समीक्षा एवं पखवाड़े में एक बार मातृ मृत्यु समीक्षा (एमडीआर) के निर्देश दिए। दिसंबर 2025 में सभी खंडों में चाइल्ड हेल्थ उत्सव एवं ग्रोथ मॉनिटरिंग ड्राइव आयोजित की जाएगी। अन्य कार्यक्रम सुरक्षित बचपन-स्मार्ट टीकाकरण एवं बाल स्वास्थ्य के तहत यूविन पोर्टल व क्यूआर-कोडेड ई-कार्ड के माध्यम से रीयल-टाइम टीकाकरण ट्रैकिंग की जा रही है। अभिभावकों को एसएमएस अलर्ट द्वारा अगली खुराक की जानकारी दी जाती है। उन्होंने निर्देश दिए कि दिसंबर 2025 तक विशेष अभियान चलाकर सभी छूटे/ड्रॉपआउट बच्चों को शामिल किया जाए।
डीसी सचिन गुप्ता ने कहा कि विभाग के चौथे कार्यक्रम मिशन एनीमिया मुक्त रोहतक आईसीडीएस और शिक्षा विभाग के सहयोग से 70 हजार से अधिक किशोरियों की एनीमिया जांच (अप्रैल-सितंबर 2025) की जा चुकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि वीएचएनडी के दौरान एसएचजी द्वारा पोषण सत्र शामिल किए जाएं और दिसंबर माह में आईएफए अनुपालन अभियान चलाया जाए। निरोगी रोहतक – जीवनशैली एवं एनसीडी नियंत्रण के तहत लक्षित जनसंख्या के 52 प्रतिशत की स्क्रीनिंग पूरी तथा गांव-स्तर पर पखवाड़े में निरोगी शिविर आयोजित किये जाये। सरकारी स्कूलों में फिट स्कूल एवं योगा फॉर हेल्थ पहल शुरू की गई है। प्रत्येक खंड में प्रति माह दो शिविर तथा प्रत्येक शिविर में कैंसर स्क्रीनिंग व परामर्श सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि विभाग की अन्य पहल मन सारथी – मानसिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों व पीएचसी में वेलनेस कॉर्नर सक्रिय किए गए तथा टेली-साइकाइट्री परामर्श डीएमएचपी के तहत जारी किए गए। मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति के लिए जिला हेल्पलाइन सक्रिय की गई है। उन्होंने कॉलेजों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में आउटरीच गतिविधियां बढ़ाने और मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य साथी – सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयंसेवक के अंतर्गत गांव-स्तर पर स्वास्थ्य मित्र जैसे डेंगू निगरानी, टीबी जागरूकता एवं मातृ अनुवर्ती कार्य में सहयोगी नियुक्त किए गए है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य साथी रिपोर्टिंग को स्वास्थ्य विभाग के डैशबोर्ड से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की नई पहल क्लीन हॉस्पिटल – ग्रीन हॉस्पिटल मिशन के तहत 35 सभी संस्थाओं में बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन हेतु एचएसपीसीबी द्वारा अधिकृत, बारकोड ट्रैकिंग लागू किया गया। सीएचसी महम, सीएचसी सांपला एवं पीएचसी कलानौर में सौर ऊर्जा प्रणाली व हर्बल गार्डन स्थापित किए गए। उन्होंने निर्देश दिए कि कायाकल्प स्वच्छता ऑडिट 15 दिसंबर 2025 तक पूर्ण हो तथा ईई (हेल्थ) द्वारा मासिक अनुपालन सत्यापित किया जाए। विभाग की नई पहल स्वास्थ्य वाहिनी के तहत महिलाओं के निवारक स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक जांच के लिए 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में स्तन कैंसर की प्रारंभिक जांच हेतु मोबाइल वैन पहल आरंभ की गई है। यह वैन ऑन-साइट जांच एवं जागरूकता सत्र आयोजित करेगी, साथ ही पीजीआईएमएस रोहतक व एम्स झज्जर से रेफरल लिंक रहेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रथम चरण में दिसंबर 2025 तक महिला शिक्षिकाएं, फ्रंटलाइन वर्कर और सरकारी कर्मचारी शामिल किए जाएं।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि आयुष्मान भारत मॉनिटरिंग अभियान के तहत रोहतक में 5.61 लाख लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया है तथा 5.15 लाख गोल्डन कार्ड जारी किए गए है, जिनके 180 करोड़ के क्लेम निपटान (73 अस्पतालों में) किए गए है। एबीडीएम के तहत 6,575 टेली-परामर्श (अप्रैल-सितंबर 2025) किए गए। पीएम-एबीएचआईएम के तहत सभी ब्लॉकों में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएच) कार्यरत है। उन्होंने पीएम-जय क्लेम, एबीएचए लिंकिंग और बीपीएचयू प्रगति की मासिक समीक्षा के निर्देश दिए। सभी अभियानों की प्रगति हेतु रीयल-टाइम इनोवेशन डैशबोर्ड बनाए रखा जाए। सामुदायिक सहभागिता, डिजिटल कवरेज एवं समयबद्ध सेवा वितरण पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि जनवरी 2026 की समीक्षा से पूर्व मापनीय उपलब्धियां प्राप्त की जा सकें। सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र ने कहा कि संस्थागत प्रसव अब एएनसी पंजीकरण के 90 प्रतिशत तक पहुंच चुके हैं। उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान 15 प्रतिशत तक हुई है, जिनका 100 प्रतिशत रेफरल मां शक्ति मिशन के तहत प्रबंधन किया गया है। टीकाकरण कवरेज 90 प्रतिशत से अधिक है तथा सुरक्षित बचपन अभियान के तहत छूटे बच्चों की ट्रेनिंग बेहतर हुई है। मच्छर जनित रोग नियंत्रण से डेंगू मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है (अक्टूबर 2025 तक 134 मामले), साप्ताहिक फॉगिंग व स्रोत-नाश अभियान जारी हैं। गैर-संचारी रोग (एनसीडी) स्क्रीनिंग लक्षित जनसंख्या के 52 प्रतिशत तक की गई है, जिसमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह और सामान्य कैंसर पर फोकस है। जीवन रक्षक मिशन के तहत 108/112 आपातकालीन चिकित्सा सेवा का औसत प्रतिक्रिया समय 21 मिनट है, जिसमें जीपीएस ट्रैकिंग और प्रशिक्षित पैरामेडिक शामिल हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश, सिटी मजिस्ट्रेट अंकित कुमार (एचसीएस, स्वास्थ्य नोडल अधिकारी) और जिला स्वास्थ्य टीम को उनके उत्कृष्ट फील्ड समन्वय एवं नवाचार-प्रधान प्रयासों के लिए सराहा। बैठक में (स्वास्थ्य परियोजनाओं के नोडल अधिकारी) नगराधीश अंकित कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चंद्र, कार्यक्रम अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, पीजीआईएमएस रोहतक, महिला एवं बाल विकास, जनस्वास्थ्य, शिक्षा विभाग, नगर निकायों तथा साझेदार एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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