‘मेट्रो मंडे’ के तहत दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार के अभियान के तहत सोमवार को अपने दफ्तर आने-जाने के लिए मेट्रो और डीटीसी बस में सफर किया। साथ ही उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और अधिकारियों ने भी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किया।
दिल्ली सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए पिछले हफ्ते 90-दिवसीय ‘मेरा भारत मेरा योगदान’ अभियान की घोषणा की थी और कहा था कि हर सोमवार को मंत्री एवं अधिकारी ‘मेट्रो मंडे’ मनाएंगे और दफ्तर आने-जाने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे।
इसी अभियान के तहत सोमवार को कई मंत्रियों और अधिकारियों ने दफ्तर पहुंचने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, गुप्ता राज निवास मार्ग पर स्थित अपने सरकारी आवास ‘जन सेवा सदन’ से लोक निवास में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के लिए पैदल पहुंचीं और इसके बाद मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक कार के माध्यम से कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन तक यात्रा की और वहां से आईटीओ मेट्रो स्टेशन तक दिल्ली मेट्रो सेवा का उपयोग किया।
आईटीओ मेट्रो स्टेशन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय स्थित अपने कार्यालय जाने के लिए डीटीसी की फीडर बस सेवा का उपयोग किया और पिंक सहेली कार्ड से टिकट लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और रविन्द्र इंद्राज भी मौजूद थे।
गुप्ता ने आईटीओ मेट्रो स्टेशन पर पत्रकारों से कहा, ”मैं दिल्ली के सभी निवासियों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आग्रह करती हूं, जिससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण और यातायात जाम से निपटने में भी मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और अंतिम छोर तक ‘कनेक्टिविटी’ की समस्याओं को दूर करने के लिए काम कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “‘मेट्रो मंडे’ के अंतर्गत जो आह्वान किया गया था, उसके तहत मैं, मेरे सभी साथी मंत्री, विधायक और अधिकारियों ने प्रयास किया है कि आज मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए। इसी क्रम में आज हम भी मेट्रो से यहां पहुंचे हैं। यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि दिल्ली के बहुत सारे लोगों ने भी आज मेट्रो के माध्यम से यात्रा करने का निर्णय लिया है।”
गुप्ता ने कहा कि ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ केवल एक सरकारी पहल नहीं है, बल्कि यह जनभागीदारी से प्रेरित एक आंदोलन है।
शाम में मुख्यमंत्री सचिवालय से अपने आवास जाने के लिए पहले डीटीसी बस से दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन पहुंची और वहां से मेट्रो में सवार हुईं।
इस बीच दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बताया कि उन्होंने मेट्रो से मध्य दिल्ली की यात्रा की।
संधू ने ‘एक्स’ पर लिखा, “पहले की तरह, आज शाम मध्य दिल्ली की मेट्रो यात्रा के दौरान मेरी मुलाकात युवा पेशेवरों से हुई। उनके दूरदर्शी विचार एक नए भारत की ऊर्जा और महत्वाकांक्षा को दर्शाते हैं।”
उन्होंने कहा, “इस तरह की बातचीत हमेशा युवाओं के सामने मौजूद अवसरों और चुनौतियों के बारे में जमीनी स्तर की बहुमूल्य जानकारी प्रदान करती है।”
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह अपने आवास से निकटतम मेट्रो स्टेशन तक पैदल गए और फिर वहां से मेट्रो लेकर आईटीओ पहुंचे, जिसके बाद वह मुख्यमंत्री के साथ बस से दिल्ली सचिवालय के लिए रवाना हुए।
उन्होंने कहा, ”मैंने पहले भी कई बार मेट्रो में यात्रा की है। मुझे कार की तुलना में कम समय लगा। मैं सभी से इस अभियान में शामिल होने का अनुरोध करता हूं, क्योंकि सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग न केवल यातायात और प्रदूषण को कम करेगा, बल्कि एक जिम्मेदार और विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।”
उनके अलावा मंत्री आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा और पंकज सिंह ने भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया।
शिक्षा मंत्री सूद अपने आवास से आईएनए मेट्रो स्टेशन तक गए और वहां से मेट्रो से सिविल लाइंस पहुंचे।
सूद ने कहा, “दिल्ली सरकार ने दिल्लीवासियों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की है, और मैं स्वयं भी इसका पालन कर रहा हूं। मैं अगले दो दिनों तक घर से ही काम करूंगा।”
परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने ”मेट्रो मंडे” के तहत दिल्ली मेट्रो से रामकृष्ण आश्रम मार्ग स्टेशन तक यात्रा की।
उन्होंने कहा, ”हम दिल्ली के सभी नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील करना चाहते हैं, यह हमारा संदेश है। सरकार लगातार अपनी बस और मेट्रो सेवाओं का विस्तार कर रही है, हमारी जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है।”
पर्यावरण मंत्री सिरसा ने भी दिल्ली सचिवालय पहुंचने के लिए मेट्रो से यात्रा की।
पश्चिम एशिया में अनिश्चितताओं के बीच पेट्रोलियम उत्पादों की बचत के लिए राष्ट्रव्यापी प्रयासों के तहत दिल्ली सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए हफ्ते में दो दिन ‘वर्क-फ्रॉम-होम’, ‘नो व्हीकल डे’, ऑनलाइन बैठकें और सरकारी वाहनों के कम उपयोग जैसे उपायों की भी घोषणा की है।
PTI भाषा