दिल्ली के नए लेफ्टिनेंट गवर्नर तरणजीत सिंह संधू होंगे

जाने – दिल्ली के नए उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू कौन है ?

लेखक- मदन मोहन भास्कर

दिल्ली के नए लेफ्टिनेंट गवर्नर तरणजीत सिंह संधू होंगे। भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी तरनजीत सिंह संधू दिल्ली के उपराज्यपाल नियुक्त किए गए हैं। ये भारतीय विदेश सेवा के 1988 बैच के अधिकारी रहे हैं। इससे पहले संधू अमेरिका में भारत के 28वें राजदूत के रूप में कार्यरत थे।

तरनजीत सिंह संधू का जन्म कहाँ हुआ ?

तरनजीत सिंह संधू का जन्म 23 जनवरी 1963 को एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनके दादा, तेजा सिंह समुंद्री शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (सीजीपीसी ) के संस्थापक थे। इनके पिता बिशन सिंह संधू अमृतसर के प्रतिष्ठित खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल भी रहे है।

कौन हैं तरणजीत सिंह संधू ?

तरनजीत सिंह संधू एक भारतीय राजनीतिज्ञ और भारतीय विदेश सेवा के सेवानिवृत्त राजनयिक हैं जो दिल्ली के 21वें उपराज्यपाल के रूप में नियुक्त हुए हैं। इससे पहले ये श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त और संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के 28वें राजदूत के रूप में कार्य कर चुके हैं । तरणजीत सिंह संधू पूर्व राजनयिक हैं जो साल 2020 से 2024 तक अमेरिका में भारत के एंबेसडर रहे। अपने 35 साल के करियर में तरणजीत संधू ने भारत-अमेरिका के रिश्तों को मजबूत करने का काम किया। उनके 2013 से 2017 के काम को खासा याद किया जाता है, जब उन्होंने वाशिंगटन डीसी में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2014 की ऐतिहासिक अमेरिका यात्रा की नींव रखी थी। इतना ही नहीं, तरणजीत सिंह संधू ने श्रीलंका में भारत के हाई कमिश्नर और जर्मनी में काउंसिल जनरल की जिम्मेदारी भी संभाली है। इसके बाद साल 2025 में तरणजीत सिंह संधू एशिया ग्रुप का हिस्सा बने और सीनियर एडवाइजर की जिम्मेदारी संभाली। यहां पर ये भारत-अमेरिका व्यापार और रक्षा नीतियों के सलाहकार बने। संधू ने अपनी राजनयिक यात्रा की शुरुआत यूक्रेन में भारतीय दूतावास खोलने और वहां राजनीतिक एवं प्रशासनिक विंग के प्रमुख के रूप में की। इन्होंने वाशिंगटन डीसी में प्रथम सचिव, फ्रैंकफर्ट में महावाणिज्य दूत, वाशिंगटन में उप मुख्य दूतावास अधिकारी और विदेश मंत्रालय में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त के रूप में भी इन्होंने सेवाएं दीं। अब तक इस पद की जिम्मेदारी संभाल रहे विनय कुमार सक्सेना को लद्दाक के एलजी पद का जिम्मा दिया गया है।

दिल्ली से प्राप्त की तरणजीत सिंह संधू ने शिक्षा

तरणजीत सिंह संधु ने अपनी स्कूली शिक्षा लॉरेंस स्कूल, सनावर से पूरी की । बाद में इन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में बीए की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद इन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त की, जहाँ इन्होंने अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में एमए की डिग्री हासिल की । इनकी शादी रीनत संधू से हुई है। संधू जनवरी 2017 से जनवरी 2020 तक श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त थे। इन्होंने इससे पहले दिसंबर 2000 से सितंबर 2004 तक कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग में राजनीतिक विंग के प्रमुख के रूप में भी काम किया था। संधू सितंबर 2011 से जुलाई 2013 तक फ्रैंकफर्ट में भारत के महावाणिज्यदूत रहे।

ट्रंप के साथ भारत के संबंध बेहतर करने में रही भूमिका

फरवरी 2020 में इन्होंने अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला और जनवरी 2024 तक इस पद पर रहे। इस दौरान इन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बाद की प्रशासन के साथ इनका काम काफी सराहनीय रहा। फरवरी 2024 में सेवानिवृत्ति के बाद इन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और भाजपा में शामिल होकर 2024 में लोकसभा चुनाव में अमृतसर सीट से उम्मीदवार बने।

संधू की पत्नी रीनत संधू भी विदेश सेवा की रहीं हैं अधिकारी

सेवानिवृत्ति के बाद वे भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदार फोरम में बोर्ड के सलाहकार और इसके भू-राजनीतिक संस्थान के चेयरमैन के रूप में भी जुड़े जहां इन्होंने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर काम किया। उनकी पत्नी रीनत संधू भी सेवानिवृत्त राजदूत हैं, जो इटली और नीदरलैंड्स में भारत की राजदूत रह चुकी हैं।

श्रीलंका में संभाली उच्चायुक्त की जिम्मेदारी

तरनजीत सिंह संधू श्री लंका में भारत के उच्चायुक्त के तौर पर भी काम कर चुके हैं। इन्होंने जनवरी 2017 से 2020 तक 3 साल इस पद पर रहकर जिम्मेदारी निभाई। संधू इससे पहले भी कोलंबो के हाई कमीशन ऑफ इंडिया में दिसंबर 2000 से सितंबर 2004 तक पॉलिटिकल विंग के प्रमुख के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। श्रीलंका में उनके कार्यकाल के दौरान भारत-श्रीलंका के बीच स्ट्रैटेजिक और इकोनॉमिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई प्रयास हुए।

लोकसभा का लड़ चुके है चुनाव

राजनयिक करियर के बाद तरनजीत सिंह संधू सक्रिय राजनीति में भी आए। उन्होंने साल 2024 में पंजाब की अमृतसर लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, हालांकि इस इलेक्शन में उनकी हार हो गई।

दिल्ली के एलजी के रूप में अहम होगी भूमिका

दिल्ली के उपराज्यपाल के तौर पर तरनजीत सिंह संधू की नियुक्ति को उनके प्रशासनिक अनुभव की समझ के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे में उनका महत्वपूर्ण रोल होगी। वह केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए बड़ा योगदान दे सकते हैं।

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