नई दिल्ली। राजधानी के मध्य जिले के थाना नबी करीम और पहाड़गंज क्षेत्र में अवैध स्पा सेंटरों और बेड एंड ब्रेकफास्ट के नाम पर चल रहे होटलों का कारोबार बेलगाम हो गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस दिखावे की कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, जिसके बाद यही सेंटर फिर से खुल जाते हैं।
छापे के बाद सुबह ही छूटे आरोपी, फिर खुला स्पा
स्थानीय लोगों के अनुसार बीते सोमवार 21 सितंबर को थाना नबी करीम पुलिस ने मुल्तानी ढांडा स्थित ‘लुक लाइक स्पा’ पर छापा मारा था। पुलिस ने इस दौरान संचालक समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 8 महिलाओं को रेस्क्यू करने का दावा किया था। थाना नबी करीम में आरोपियों के खिलाफ FIR भी दर्ज हुई। पुलिस ने इसे बड़ी कार्रवाई बताया।
लेकिन स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कार्रवाई के अगले दिन सुबह ही आरोपियों को छोड़ दिया गया। आरोपी फिर से मुल्तानी ढांडा मार्केट में घूमते देखे गए और कुछ ही दिनों में स्पा फिर से शुरू हो गया। इससे स्थानीय लोगों में रोष है।
ऐसा ही मामला पहाड़गंज के ग्लैमर स्पा का भी है। कुछ समय पूर्व देर रात थाना पहाड़गंज पुलिस ने छापा मारकर आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी और संचालक को गिरफ्तार किया था। महिलाओं को रेस्क्यू कर FIR दर्ज की गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ दिन बाद ही वह स्पा फिर से खुल गया और वहां कथित तौर पर वही गतिविधियां शुरू हो गईं।
B&B स्कीम बंद होने के बाद भी चल रहे हैं होटल
दिल्ली सरकार ने मालवीय नगर अग्निकांड के बाद और होम-स्टे के नाम पर हो रही अनैतिक गतिविधियों की शिकायतों पर बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम को बंद करने का ऐलान किया था। बावजूद इसके नबी करीम-पहाड़गंज में कई यूनिट्स बेरोकटोक चल रही हैं।
स्थानीय शिकायत के मुताबिक तेल मंडी पहाड़गंज स्थित ‘द युवान’, मुल्तानी ढांडा गली नंबर एक स्थित ‘ब्लू बेरी’ और आर्य नगर स्थित ‘ब्लू बेल्स बेड एंड ब्रेकफास्ट’ में खुलेआम अनैतिक गतिविधियां चलने का आरोप है। निवासियों का कहना है कि ब्लू बेल्स की शिकायत पर उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप से इसे एक बार बंद कराया गया था, लेकिन अब यह फिर से शुरू हो गया है।
पेट्रोलिंग नदारद, शिकायत करने वाले पर ही कार्रवाई का डर
निवासियों का कहना है कि उपराज्यपाल के निर्देश पर दिल्ली में पुलिस गश्त बढ़ाई गई है, लेकिन थाना नबी करीम के बीट नंबर 2 आर्य नगर जैसे इलाकों में पुलिस की मौजूदगी तक नहीं दिखती। इसी कारण शाम होते ही असामाजिक तत्वों और दलालों का जमावड़ा लगा रहता है।
कई निवासियों ने आरोप लगाया कि अगर कोई इन अवैध गतिविधियों की शिकायत थाने में करने जाता है तो उसे ही परेशान किया जाता है। महिलाओं और लड़कियों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
अब हस्ताक्षर अभियान
लगातार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न होने से नाराज स्थानीय निवासियों ने अब हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। निवासी इस अभियान के जरिए अपनी शिकायतें दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों और मध्य जिला के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाना चाहते हैं ताकि मामले की विभागीय जांच हो सके।
इस संबंध में थाना नबी करीम पुलिस का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।